Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। गुरुवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से करीब 5 घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ की। जांच दोपहर करीब 2:30 बजे शुरू हुई और शाम लगभग 7:30 बजे तक चली। दोनों से अलग-अलग सवाल किए गए और कई अहम दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
बैंक रिकॉर्ड और कर्मचारियों की जानकारी मांगी
सूत्रों के अनुसार SIT ने पूछताछ के दौरान मंदिर के चढ़ावे की गिनती, धनराशि के बैंक में जमा होने की प्रक्रिया, कर्मचारियों की नियुक्ति, जिम्मेदारियों के बंटवारे और निगरानी व्यवस्था को लेकर विस्तार से सवाल किए। जांच टीम ने दोनों से बैंक खातों का ब्योरा, कर्मचारियों की जॉइनिंग से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड शुक्रवार को दोबारा पेश करने के निर्देश दिए हैं। SIT ने दोनों को फिर से पूछताछ के लिए तलब किया है।
पहले भी कई दिनों तक चली थी जांच
यह पहली बार नहीं है जब SIT ने इस मामले की जांच की हो। इससे पहले 15 से 20 जून के बीच भी जांच टीम ने कई कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की थी। अब जांच का दायरा ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों और वित्तीय प्रक्रियाओं तक बढ़ा दिया गया है।
मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला रिमांड पर
उधर, जेल में बंद मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस ने 24 घंटे की रिमांड पर लिया है। अविनाश मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाली टीम का सदस्य था। जांच के दौरान उसके घर से राम मंदिर का संदूक, करीब 20 लाख रुपये नकद, 1,000 से अधिक अमेरिकी डॉलर और बड़ी मात्रा में आभूषण बरामद किए गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
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बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी
मामले में प्रशासन भी सख्त रुख अपनाता दिख रहा है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने आरोपियों की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। नियमों के उल्लंघन वाले निर्माणों की पहचान की जा रही है।
जानकारी के अनुसार लवकुश मिश्रा के शहादतगंज स्थित मकान और अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी है। ADA ने लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम नोटिस जारी करने की बात कही है, हालांकि सुप्रिया मिश्रा का कहना है कि उन्हें अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है।
ट्रस्ट के भीतर भी बढ़ा विवाद
चढ़ावा चोरी मामले के बाद अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी गोपाल राव की है और वे राजनीति कर रहे हैं। उनके मुताबिक गोपाल राव लोगों को उलझाने का काम करते हैं और राम की परंपराओं का पालन नहीं करते। गोपाल राव पहले राम मंदिर निर्माण कार्य के प्रभारी रहे हैं और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य हैं।
500 से ज्यादा वकीलों का प्रदर्शन
गुरुवार को अयोध्या में 500 से अधिक अधिवक्ताओं ने इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया। वकीलों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए नारेबाजी की। बाद में सिविल लाइन चौकी पहुंचकर चार लोगों के खिलाफ शिकायत भी सौंपी गई।

जांच जारी, कई और खुलासों की उम्मीद
SIT फिलहाल चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया, बैंक लेनदेन, कर्मचारियों की नियुक्ति, जिम्मेदारियों के निर्धारण और धन के प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित चोरी में केवल गिरफ्तार आरोपी शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था। मामले में आगे और पूछताछ तथा दस्तावेजों की जांच के बाद नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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