Shopian Encounter: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मारे गए आतंकियों में जाकिर अहमद गनी और उसका साथी लतीफ भट शामिल हैं। बताया जा रहा है कि जाकिर अहमद गनी उन 14 आतंकियों की सूची में शामिल था, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद खुफिया एजेंसियों ने तैयार किया था।
खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि शोपियां के सैदपोरा पायीन के पास स्थित छानपोरा इलाके में दो आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त अभियान चलाकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।
जैसे ही सुरक्षाबलों की टीम संदिग्ध ठिकाने के करीब पहुंची, आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला और दोनों ओर से भारी फायरिंग शुरू हो गई।
VIDEO | Jammu and Kashmir: Army corners two LeT terrorists in Shopian. Security has been beefed up. pic.twitter.com/NcHzQXilZl
— Press Trust of India (@PTI_News) July 5, 2026
करीब तीन घंटे चली मुठभेड़
मुठभेड़ शुक्रवार (4 जुलाई) शाम करीब 7:45 बजे शुरू हुई। अंधेरा बढ़ने के कारण रात में सर्च ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों के मारे जाने की सूचना है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि और शवों की बरामदगी का इंतजार किया जा रहा है।
सेना की विक्टर फोर्स ने संभाला मोर्चा
ऑपरेशन की शुरुआत उस समय हुई जब सेना के निगरानी कैमरों में मीमंदर क्षेत्र के एक बाग में दो संदिग्ध आतंकी दिखाई दिए। इसके बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया और सुरक्षा के मद्देनजर चार गांवों को खाली कराया गया।
सेना की विशेष विक्टर फोर्स को ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई। जवानों ने आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद कर दिया और रात के समय भी अभियान जारी रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था की।
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जाकिर अहमद गनी पर कई आतंकी मामलों में था शक
सूत्रों के अनुसार, कुलगाम जिले के मुतलहम गांव का रहने वाला जाकिर अहमद गनी वर्ष 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। उसका नाम पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े कई मामलों में सामने आया था।
बताया जाता है कि अक्टूबर 2025 में NIA की विशेष अदालत ने उसके खिलाफ नोटिस जारी किया था। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में हुए पहलगाम आतंकी हमले की जांच के दौरान भी उसका नाम जांच एजेंसियों के रडार पर आया था।
वहीं, दूसरा आतंकी लतीफ भट पिछले वर्ष लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था और दक्षिण कश्मीर में सक्रिय माना जाता था।
पहलगाम हमले के बाद जारी हुई थी 14 आतंकियों की सूची
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकियों की सूची जारी की थी। इस सूची में शामिल आतंकियों को हमले के लिए लॉजिस्टिक और स्थानीय सहायता उपलब्ध कराने का संदेह था। इसी अभियान के तहत कई आतंकियों के घरों पर कार्रवाई भी की गई थी।
14 में से 9 आतंकियों के मारे जाने का दावा
यदि जाकिर अहमद गनी की मौत की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो वह पहलगाम हमले के बाद जारी सूची का नौवां आतंकी होगा, जिसे सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। इससे पहले मई 2025 में शोपियां और पुलवामा में हुए अलग-अलग एनकाउंटर में छह आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था। अब भी सूची में शामिल बाकी आतंकियों की तलाश जारी है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने मुठभेड़ में दो आतंकियों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है और ऑपरेशन पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में सतर्क हैं ताकि किसी भी आतंकी के फरार होने की संभावना को खत्म किया जा सके।
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