PM Modi Indonesia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, लोकतंत्र और आर्थिक सहयोग समेत 20 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट खरीदने का फैसला किया है। इसके साथ ही उसने भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी निर्णय लिया। इसी दौरे के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया।
I accept the Bintang Adipurna of the Republic of Indonesia with great humility.
This honour belongs to the people of India. It reflects the warmth and affection of the people of Indonesia. It is also a tribute to the historic and deeply-rooted ties between India and Indonesia.… pic.twitter.com/Kq5SfHukf5
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
रक्षा सहयोग को मिली नई मजबूती
भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के फैसले के बाद फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया तीसरा देश बन गया है, जिसने इस अत्याधुनिक भारतीय मिसाइल प्रणाली को अपनाने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा इंडोनेशिया ने भारतीय वायुसेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई स्वदेशी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है। यह भारत के रक्षा निर्यात और स्वदेशी रक्षा तकनीक के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
20 समझौतों पर लगी मुहर
जकार्ता में दोनों देशों के बीच कुल 20 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें रक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष सहयोग, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और लोकतांत्रिक संस्थाओं के विकास से जुड़े कई अहम विषय शामिल हैं।
भारत ने इंडोनेशिया को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में तकनीकी सहयोग देने पर भी सहमति जताई है। इससे दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ेगा।
ये भी पढ़ेंः
पहलगाम हमला: NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बड़ा खुलासा, हाफिज सईद ने ही रची थी हमले की साजिश; एजेंसी बोली- अब तक 3 आरोपी आतंकी ढेर
पीएम मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान
दौरे के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया। सम्मान ग्रहण करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने इसे भारत और इंडोनेशिया की गहरी मित्रता का प्रतीक बताया।
संसद में बोले पीएम मोदी- विकसित भारत और विजन 2045 साथ आगे बढ़ेंगे
इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया ने लगभग एक ही दौर में आजादी हासिल की थी और दोनों देश अपने-अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया ‘विजन 2045’ पर काम कर रहा है, जबकि भारत ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। दोनों देशों के पास युवा आबादी, मजबूत अर्थव्यवस्था और विशाल समुद्री क्षमता जैसी समान ताकतें हैं, जो भविष्य में साझेदारी को और मजबूत बनाएंगी।
#WATCH | Jakarta, Indonesia | Prime Minister Narendra Modi says, “Both our nations gained independence around the same time: Indonesia in 1945 and India in 1947. When it came to sovereignty as independent nations, India became a strong voice in support of Indonesia’s independence… pic.twitter.com/wNtDvy2cnA
— ANI (@ANI) July 7, 2026
पीएम ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और आने वाले 25 वर्ष दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
रामायण और महाभारत से जुड़े हैं दोनों देश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में दोनों देशों के हजारों साल पुराने सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया केवल समुद्र से नहीं, बल्कि रामायण, महाभारत, गरुड़, बोरोबुदुर और प्रम्बानन मंदिर जैसी साझा सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक गरुड़ भारतीय संस्कृति से प्रेरित है और दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव आज भी उतना ही मजबूत है।
VIDEO | Jakarta: Addressing the Indonesian Parliament, PM Modi (@narendramodi) says, “India and Indonesia do not just share the sea; we also share our history. Our relationship is rooted in the legacy of the Ramayana and the Mahabharata… We are linked through magnificent… pic.twitter.com/gvsRHwur2x
— Press Trust of India (@PTI_News) July 7, 2026
गुजरात से इंडोनेशिया तक सदियों पुराने रिश्ते
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों पहले गुजरात के व्यापारी और सूफी संत समुद्री मार्ग से इंडोनेशिया पहुंचे थे। वे अपने साथ व्यापार के साथ-साथ संस्कृति और आध्यात्मिक विचार भी लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि आज भी गुजरात का पटोला वस्त्र इंडोनेशिया में सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है।
व्यापार और अंतरिक्ष सहयोग पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 25 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को पूरी दुनिया स्वीकार करती है और इस क्षेत्र में भी इंडोनेशिया भारत का महत्वपूर्ण साझेदार रहेगा। भारत पहले भी इंडोनेशिया के कई उपग्रह प्रक्षेपित कर चुका है।
समुद्र दूरी नहीं, दोनों देशों के बीच सेतु
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की राजधानियां भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन समुद्री सीमा पर दोनों देशों के बीच लगभग 150 किलोमीटर की दूरी है। उन्होंने कहा कि समुद्र दोनों देशों के लिए दूरी का नहीं, बल्कि व्यापार, संस्कृति और रणनीतिक सहयोग का सेतु रहा है।
भारतीय समुदाय को भी करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे इंडोनेशिया के विश्व प्रसिद्ध और एक हजार वर्ष से अधिक पुराने प्रम्बानन हिंदू मंदिर का भी दौरा करेंगे, जो भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
ये भी पढ़ेंः






