Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपों का सामना कर रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर श्रीरामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई साझा करते हुए संकेत दिया कि वह फिलहाल किसी भी आरोप पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं देंगे। इसके साथ ही उन्होंने राम भक्तों के नाम एक हस्तलिखित पत्र जारी कर कहा कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही वह सभी आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देंगे।
रामचरितमानस की चौपाई के जरिए दिया संदेश
चंपत राय ने अपने X अकाउंट पर लिखा,
“धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी।”
इस चौपाई का अर्थ बताते हुए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी की वास्तविक परीक्षा संकट के समय होती है। इसे मौजूदा विवाद के बीच उनके धैर्य और संयम के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
धीरज धर्म मित्र अरु नारी,
आपद काल परिखिअहिं चारी। pic.twitter.com/PHtGs95ass— Champat Rai (@ChampatRaiVHP) July 7, 2026
राम भक्तों के नाम लिखी चिट्ठी
चंपत राय ने अपने हस्तलिखित पत्र में कहा कि राम मंदिर के दानपात्र की गणना के दौरान हुई चोरी को लेकर उन पर बेबुनियाद और अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने लिखा, “मैंने इस पूरे प्रकरण पर मौन धारण कर लिया है। सोमवार को ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जो बाद में सार्वजनिक हो गई। जबकि यह रिपोर्ट गोपनीय थी। मैं सभी राम भक्तों को विश्वास दिलाता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मैं अपने ऊपर लगाए गए प्रत्येक आरोप और दुष्प्रचार का तथ्यात्मक उत्तर दूंगा। सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।”
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45 साल का सार्वजनिक जीवन बताया ‘खुली किताब’
अपने पत्र में चंपत राय ने यह भी उल्लेख किया कि अक्टूबर 1991 में संगठन ने उन्हें अयोध्या भेजा था। उन्होंने कहा कि उनका करीब 45 वर्षों का सार्वजनिक जीवन पूरी तरह पारदर्शी और खुली किताब की तरह रहा है।
गौरतलब है कि 26 जून को उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, जिसे 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। फिलहाल वह अयोध्या में ही रह रहे हैं।
SIT अब बड़े आयोजनों के खर्च की भी कर रही जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित बड़े धार्मिक कार्यक्रमों के खर्च की भी जांच शुरू कर दी है। जांच के तहत 22 जनवरी 2024 को हुए रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह और 25 नवंबर 2025 को आयोजित ध्वजारोहण समारोह से जुड़े सभी वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
रिकॉर्ड के मुताबिक, प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर करीब 113 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जिसमें लगभग 8 हजार मेहमान शामिल हुए थे। वहीं, ध्वजारोहण समारोह पर 10.12 करोड़ रुपए का खर्च दर्ज है, जिसमें करीब 6 हजार मेहमान पहुंचे थे। दोनों आयोजनों के खर्च में बड़े अंतर को देखते हुए SIT अब इनसे जुड़े बिल, वाउचर, भुगतान रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, ताकि खर्च और भुगतान की पूरी प्रक्रिया की सत्यता का पता लगाया जा सके।
गोविंद देव गिरि बोले- चंपत राय निर्दोष हैं
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
“जब मैं कहता हूं कि चंपत राय निर्दोष हैं, तो मेरा आशय यह है कि इस पूरे प्रकरण से उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। लेकिन वे पर्याप्त सतर्क नहीं रहे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय के ड्राइवर के पास कई महत्वपूर्ण चाबियां थीं और वही कई व्यवस्थाओं को नियंत्रित करता था। उनके अनुसार, ड्राइवर का बाहरी लोगों से संपर्क होने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति की जाएगी।
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तीनों आरोपियों की एक दिन की रिमांड
इस मामले में गिरफ्तार करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्र और लवकुश को फैजाबाद एंटी करप्शन कोर्ट ने एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
हालांकि पुलिस ने अदालत से सात दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल एक दिन की अनुमति दी। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर चोरी से जुड़े पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास करेगी।
विहिप में बने रहेंगे चंपत राय
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा देने के बावजूद चंपत राय विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे।
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जब तक किसी व्यक्ति पर लगे आरोप साबित नहीं हो जाते, तब तक उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई उचित नहीं होगी।
एकांतवास में हैं चंपत राय
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय इन दिनों रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम में रह रहे हैं। उनके आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उनसे मिलने के लिए विहिप व सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों को भी पूर्व अनुमति लेनी पड़ रही है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस मामले पर राजनीति भी गरमा गई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि BJP और RSS को इस मामले की जानकारी पहले से थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इससे करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर परिसर में दानपात्र से जुड़े कथित चोरी के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच लगातार आगे बढ़ रही है। SIT दान राशि की गणना, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय रिकॉर्ड और ट्रस्ट की प्रशासनिक प्रक्रिया की जांच कर रही है। अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे मामले में किसकी क्या जिम्मेदारी तय होती है। चंपत राय ने भी साफ कर दिया है कि वह अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सभी आरोपों पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।
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