Anti Paper Leak Bill 2026: पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ करते हुए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 गुरुवार को राज्यसभा से भी ध्वनिमत से पारित हो गया। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा से पास हो चुका था। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून का रूप ले लेगा और केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर इसे लागू करेगी।
विधेयक पर राज्यसभा में करीब आठ घंटे तक चर्चा हुई। बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह जब चर्चा का जवाब देने के लिए खड़े हुए, तब विपक्षी सांसद गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए। इसके बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया।
गृह मंत्री के जवाब की मांग पर विपक्ष का वॉकआउट
विपक्षी सांसदों ने छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर गृह मंत्री से सदन में आकर जवाब देने की मांग की। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि सभी विपक्षी दलों ने एक ही मांग उठाई थी और उन्हें उम्मीद थी कि चर्चा समाप्त होने से पहले गृह मंत्री सदन में मौजूद होंगे। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 75 का हवाला देते हुए कहा कि सरकार संसद के प्रति जवाबदेह है। इसके बाद विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए।
Delhi: Congress MP Pramod Tiwari says, “The House has remained deadlocked for several days. The Opposition has been making every effort to ensure that the House functions peacefully, but the government is adamant. With your permission, I am speaking. Please look at Article 75 of… pic.twitter.com/FiT5CmSm0y
— IANS (@ians_india) July 30, 2026
विपक्ष के वॉकआउट पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- मुद्दाविहीन हो चुका है विपक्ष
राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट पर नेता सदन एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “मैंने आज सुबह ही कहा था कि विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है और आज उसने अपने आचरण से इसे साबित भी कर दिया। विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। करीब आठ घंटे तक चर्चा चली और हर सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया। सत्ता पक्ष ने सभी पक्षों को संवेदनशीलता के साथ सुना, लेकिन जब सरकार की ओर से मंत्री जवाब देने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष सदन से वॉकआउट कर गया। यह बेहद गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है। इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष की चर्चा में कोई रुचि नहीं है। उन्हें लोकतंत्र, संसद और संसदीय कार्यवाही का भी सम्मान नहीं है।”
VIDEO | Delhi: As the Opposition walks out, Union Minister JP Nadda, while speaking in the Rajya Sabha says, “…I had said this morning itself that the Opposition has become issue-less, and today, through its conduct and actions, it has proved exactly that. The Opposition no… pic.twitter.com/pVDHE71Dn1
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
जितेंद्र सिंह बोले- छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
राज्यसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर सरकार का पक्ष रखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, “एंटी पेपर लीक विधेयक इस बात की पुनर्पुष्टि है कि सरकार देश के छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सर्वोच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है तथा पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त रोक लगाने के लिए यह संशोधन विधेयक लाया गया है।
VIDEO | “The Anti-Paper Leak Bill is a reaffirmation of the government’s highest commitment to safeguarding the welfare of the students and youth of this country,” says MoS Jitendra Singh while introducing the Bill in the Rajya Sabha.
(Source: Sansad TV)
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विभिन्न दलों ने रखे अपने-अपने पक्ष
सपा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने राज्यसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि केवल सजा बढ़ाने से अपराधों पर रोक नहीं लगती। उन्होंने सुझाव दिया कि नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं का संचालन राज्यों को सौंपा जाना चाहिए। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में अत्यधिक डिजिटलीकरण से पेपर लीक की आशंका भी बढ़ जाती है।
VIDEO | Delhi: On discussions in the Rajya Sabha over the Anti-Paper Leak Bill, Samajwadi Party MP Gopal Yadav says, “Increasing punishment does not reduce crime. My suggestion is that the states should conduct the NEET exam. The more the digitisation, the greater the chances of… pic.twitter.com/hixe1b7Yqf
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सागरिका घोष ने राज्यसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले हजारों छात्रों और उनके परिवारों की उम्मीदें टूट गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के सांसदों को इस पीड़ा की चिंता नहीं है, क्योंकि उनके बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं।
VIDEO | Delhi: “Parents of many aspiring doctors left with broken dreams; treasury bench members aren’t worried because their children study abroad,” says TMC MP Sagarika Ghose in Rajya Sabha.
(Source: Sansad TV) pic.twitter.com/IIQP7DB1GC
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DMK सांसद तिरुचि शिवा ने राज्यसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि केवल कानून को और कठोर बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की मांग है कि नीट (NEET) परीक्षा व्यवस्था को समाप्त किया जाए।
VIDEO | Delhi: “Making law stringent is futile excise. Scrap NEET is our demand,” says DMK’s Tiruchi Siva during anti-paper leak Bill debate in Rajya Sabha.
(Source: Sansad TV)#Delhi pic.twitter.com/NMWGivGSs4
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केरल कांग्रेस (एम) के सांसद जोस के. मणि ने राज्यसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार ने अपराधियों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित “बर्बरता” के लिए केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए।
VIDEO | Delhi: “Government treated student protesters in Delhi like criminals. Centre must answer for this ‘brutality’,” says Kerala Congress (M) MP Jose K Mani during debate in Rajya Sabha on anti-paper leak Bill.
(Source: Sansad TV) pic.twitter.com/w60eaGomu4
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आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने कहा कि एंटी पेपर लीक विधेयक इस बात का संकेत है कि सरकार भी मान रही है कि वह पेपर लीक रोकने में सफल नहीं रही। उन्होंने दावा किया कि देश की फास्ट ट्रैक अदालतों में करीब 2.5 लाख मामले लंबित हैं और केवल नया कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
VIDEO | Delhi: “Anti-paper leak Bill shows government accepts it can’t stop paper leaks, 2.5 lakh cases pending in fast-track courts,” says AAP MP Sanjay Singh in Rajya Sabha.
(Source: Sansad TV) pic.twitter.com/I9n8cX9ysU
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भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री कपिल सिब्बल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कपिल सिब्बल के कार्यकाल में भी कई पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, जबकि अब वे नीट (NEET) प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता देने का वादा कर रहे हैं।
VIDEO | Delhi: “Several paper leaks happened during Kapil Sibal’s tenure as education minister, who has now pledged legal aid for NEET protesters,” says BJP MP Sudhanshu Trivedi in Rajya Sabha during debate on anti-paper leak Bill.
(Source: Sansad TV) pic.twitter.com/JZCh4KcNZn
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वहीं, राघव चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान मीडिया में बयानबाजी से नहीं, बल्कि मजबूत संस्थागत व्यवस्था से होगा और सरकार इसी उद्देश्य से यह विधेयक लेकर आई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को सुनने के बाद सरकार ने व्यवस्था में बदलाव किए हैं और यह नया कानून पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़ा संदेश देगा। उनके अनुसार, कानून लागू होने के बाद पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई होगी और ऐसे अपराध करने वालों में कानून का भय पैदा होगा।
VIDEO | Delhi: “Paper leaks cannot be addressed through media soundbites but require an institutional solution, which govt is bringing through the Bill,” says BJP MP Raghav Chadha in Rajya Sabha during debate on anti-paper leak Bill.
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लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास, परीक्षा माफिया पर 7 साल की सजा और 10 करोड़ तक जुर्माना
संजय झा बोले- पेपर लीक अब संगठित अपराध
जदयू सांसद संजय झा ने कहा, “यह ऐतिहासिक विधेयक है। इसके पारित होने से पेपर लीक को संगठित अपराध माना जाएगा। पांच महीने के भीतर ट्रायल कर दोषियों को सजा दिलाने का प्रावधान है। परीक्षा प्रणाली में तकनीक का अधिक इस्तेमाल होगा। विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे पर राजनीति की और विधेयक पारित होने के समय सदन से वॉकआउट कर दिया।”
#WATCH दिल्ली: सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा में पारित होने पर JDU सांसद संजय झा ने कहा, “ऐतिहासिक विधेयक था। ये बिल पारित होने से स्पष्ट हो गया है कि इसे ऑर्गनाइज्ड क्राइम मान लिया गया है। 5 महीने में ट्रायल कराके सजा हो जाएगा।… pic.twitter.com/qud3C5CYOv
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 30, 2026
अब आगे क्या होगा?
संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद विधेयक अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026 के रूप में राजपत्र में प्रकाशित होगा। इसके बाद केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर कानून को लागू करेगी।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस
इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा है।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 29 जुलाई को एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से असंसदीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा “इडियट” और “अंधभक्त” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई।
BJP MP Anurag Thakur @ianuragthakur moves privilege notice against Lok Sabha LoP Rahul Gandhi. pic.twitter.com/pTrRHr4ZJZ
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
भाजपा ने इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की मांग की है। साथ ही राहुल गांधी से सदन और गृह मंत्री अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने की मांग भी की गई है।
राजनीतिक माहौल गरम
एक ओर संसद ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग भी दे दिया है। अब सबकी नजर राष्ट्रपति की मंजूरी और लोकसभा अध्यक्ष द्वारा विशेषाधिकार नोटिस पर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
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