Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में सोमवार को भी विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित रही। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध के बीच दोनों सदनों ने कई महत्वपूर्ण विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए।
जब संसद की कार्यवाही का हर मिनट करीब ढाई लाख रुपए का खर्च आता है, तब लगातार हो रहे हंगामे का असर केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मानसून सत्र के 25 निर्धारित दिनों में से 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब दोनों सदनों की कार्यवाही बिना व्यवधान के पूरी हो सकी हो।
लोकसभा में बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते महज तीन मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसी दौरान भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किया गया। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 सदन में प्रस्तुत किया, लेकिन विपक्ष का शोर-शराबा जारी रहा और सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
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सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पारित
दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।
इस दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सांसद राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे। हंगामे के बीच विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया।
इस संशोधन के बाद सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित कुल न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी जारी रहा गतिरोध
राज्यसभा की कार्यवाही भी सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदस्यों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन लगातार नारेबाजी के कारण सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 विचार के लिए सदन में पेश किया। सभापति ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी बात रखने की अनुमति दी।
इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहता। लगातार हंगामे के बीच एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 भी ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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