Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि तेहरान के पास अब केवल दो विकल्प बचे हैं। अमेरिका के साथ समझौता करना या पूरी तरह सरेंडर करना। ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का नियंत्रण है और अमेरिकी नौसेना की अनुमति के बिना वहां से कोई जहाज नहीं गुजर सकता। हालांकि, ट्रंप के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान पर लगाया दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी नेतृत्व पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान एक ओर अमेरिका के साथ बैठक की मांग करता है और बातचीत के कई दौर तय होते हैं, जबकि दूसरी ओर सार्वजनिक रूप से दावा करता है कि कोई बातचीत नहीं हो रही और वह केवल ओमान के साथ संपर्क में है।
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण है और जब तक कोई समझौता या पूर्ण सरेंडर नहीं होता, तब तक ईरान तक कुछ भी नहीं पहुंच पाएगा। उन्होंने अंत में कहा कि “ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।”
Iranian Leadership is unbelievably duplicitous! They ask for a meeting, some would say “beg,” talks begin, with more scheduled in the immediate future, and they say, openly and proudly, that they’re not having any discussions, that nothing is being talked about, and they’re only… pic.twitter.com/iKJP56f5ya
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) August 3, 2026
‘डील का आखिरी मौका’
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित नई अमेरिका-ईरान वार्ता, ईरान के लिए समझौता करने और संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोकने का आखिरी मौका है।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में बातचीत शुरू होगी, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही सामान्य हो सकेगी और ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी चिंताओं को दूर करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
‘बातचीत अभी भी जारी है’
हालिया हमलों के बाद कूटनीति खत्म होने की अटकलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत अभी भी जारी है। उन्होंने कहा, “पता नहीं क्यों, लेकिन जब वे बातचीत कर रहे होते हैं, तो वे यह कहना पसंद नहीं करते कि वे बातचीत कर रहे हैं।”
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर बातचीत करना चाहता है, लेकिन अमेरिका के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा ईरान का परमाणु निरस्त्रीकरण (Denuclearization) है। उन्होंने कहा, “यही इस पूरे प्रयास का मुख्य उद्देश्य है।”
इसके बाद आप अगला सबहेड “हूती धमकी के बाद बदला समुद्री रास्ता” शुरू कर दें।
BREAKING: President Trump tells @LucasFoxNews that talks with Iran are still on after recent strikes and reports raised questions about whether diplomacy has collapsed.
“For some reason when they’re talking, they don’t like saying that they’re talking.”
“They say ‘we want to… pic.twitter.com/DrqpYXR4Oj
— Fox News (@FoxNews) August 3, 2026
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हूती धमकी के बाद बदला समुद्री रास्ता
यमन के हूती विद्रोहियों की धमकियों के बीच सऊदी अरब के छह सुपरटैंकरों ने अपना समुद्री मार्ग बदल दिया है। जहाजों की ट्रैकिंग करने वाले डेटा के अनुसार, ये टैंकर अब लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी सिरे (केप ऑफ गुड होप) का लंबा रास्ता अपना रहे हैं।
ये सभी टैंकर एशिया में तेल की आपूर्ति के बाद खाली लौट रहे थे।
ईरान का जवाब- हर खतरे का देंगे करारा जवाब
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ग्राउंड फोर्स कमांडर मोहम्मद करामी ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी ईरान में तैनात सैनिक किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि ईरानी बल आधुनिक तकनीक, खुफिया जानकारी और सैन्य तैयारी के साथ किसी भी चुनौती का निर्णायक जवाब देने में सक्षम हैं।
अमेरिका नए दबाव के विकल्प तलाश रहा
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने सैन्य विश्लेषकों से ईरान पर दबाव बढ़ाने और उसे दंडित करने के लिए नए सुझाव मांगे हैं। बताया गया है कि इस तरह बड़े पैमाने पर सुझाव मांगना सामान्य प्रक्रिया से अलग माना जा रहा है।
वार्ता की तारीख और स्थान अभी तय नहीं
तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता की तारीख और स्थान अभी तय नहीं हुए हैं। बातचीत की मेजबानी के लिए पाकिस्तान और कतर के नामों पर विचार किया जा रहा है। दोनों देश मध्यस्थ के रूप में अमेरिका और ईरान के संपर्क में बने हुए हैं।
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