Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के करीब दो महीने बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय मंगलवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से अयोध्या में नजर आए। वह तपस्वी छावनी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने जगद्गुरु परमहंस आचार्य से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि चाहे उनका कहीं भी आना-जाना हो, लेकिन उनका स्थायी निवास अयोध्या ही रहेगा और वह “मरते दम तक अयोध्या में ही रहेंगे।”
हालांकि मंदिर पहुंचने के दौरान चंपत राय मीडिया से बातचीत करने के मूड में नहीं दिखे। जब पत्रकार उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे तो उन्होंने उंगली से इशारा कर अपने साथ मौजूद लोगों से कैमरे बंद कराने को कहा। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Ayodhya, Uttar Pradesh: Ram Janmabhoomi Trust former General Secretary Champat Rai, arrived at Tapasvi Chhavni, where he held a closed-door meeting with Jagadguru Paramhans Acharya, the head of the chhavni pic.twitter.com/BaMyTxxKUx
— IANS (@ians_india) August 4, 2026
परमहंस आचार्य ने बताया क्या हुई बातचीत
तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने चंपत राय से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने चंपत राय से अयोध्या न छोड़ने का आग्रह किया। इसके जवाब में चंपत राय ने भरोसा दिलाया कि उनका जीवन अयोध्या के लिए समर्पित है और अंतिम सांस तक वह यहीं रहेंगे।
Ayodhya, Uttar Pradesh: Jagadguru Paramhans Acharya, the head of Tapasvi Chhavni, says, “Shri Champat Rai, the International Vice President of the Vishwa Hindu Parishad, visited Ayodhya today—specifically ‘Shri Tapasvi Ji Ki Chhavni,’ the oldest chhavni of the saints… We… pic.twitter.com/tXNcmeOl1c
— IANS (@ians_india) August 4, 2026
परमहंस आचार्य ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से चंपत राय पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सनातन समाज उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। उनके अनुसार, चंपत राय ने राम मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।
चढ़ावा चोरी मामले के बाद पहली सार्वजनिक मौजूदगी
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला 6 जून 2026 को सामने आया था। इस घटना के बाद चंपत राय लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहे। करीब दो महीने बाद यह पहला मौका है, जब वह अयोध्या में किसी धार्मिक कार्यक्रम में नजर आए।
उनकी मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि चढ़ावा चोरी मामले के बाद उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था और पूरे विवाद के दौरान सार्वजनिक बयान देने से भी परहेज किया।
पहले कहा था- मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई
मामला सामने आने के अगले दिन 7 जून को चंपत राय ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि राम मंदिर में किसी तरह की चोरी नहीं हुई है। हालांकि बाद में पुलिस जांच और ट्रस्ट की कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ लिया।
जांच आगे बढ़ने के बीच चंपत राय ने 26 जून 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। ट्रस्ट की 6 जुलाई को हुई बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया और सेवानिवृत्त IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया।
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खुद पर लगे आरोपों को बताया था बेबुनियाद
इस्तीफा स्वीकार होने के अगले दिन चंपत राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राम भक्तों के नाम एक खुला पत्र लिखा। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने भी उस समय कहा था कि चंपत राय का मानना था कि जब तक इस मामले के सभी आरोपी कानून के शिकंजे में नहीं आ जाते, तब तक उनका पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। उन्होंने चढ़ावा चोरी की घटना को बेहद दुखद और शर्मनाक बताया था।
धीरज धर्म मित्र अरु नारी,
आपद काल परिखिअहिं चारी। pic.twitter.com/PHtGs95ass— Champat Rai (@ChampatRaiVHP) July 7, 2026
नए महासचिव पर जल्द हो सकता है फैसला
ट्रस्ट में स्थायी महासचिव के पद के लिए विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता बजरंग लाल बागड़ा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की 2 सितंबर को होने वाली बैठक में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। फिलहाल कृष्ण मोहन कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
CEO पद के लिए भी होगी नियुक्ति
राम मंदिर ट्रस्ट पहली बार एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति करने जा रहा है। इसके लिए 18 जुलाई तक आवेदन मांगे गए थे, जिनमें पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर सहित 5 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। ट्रस्ट की अगली बैठक में तीन नामों को शॉर्टलिस्ट कर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून को ट्रस्ट की ओर से FIR दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने आठ आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, मनीष यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा को गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू लंबे समय तक चंपत राय का ड्राइवर रह चुका था। आरोप है कि सभी आरोपी चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी और आभूषणों की चोरी में शामिल थे। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में फैजाबाद जेल में बंद हैं।
क्यों अहम है चंपत राय की वापसी?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद चंपत राय पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। ऐसे समय में उनका “मरते दम तक अयोध्या में रहूंगा” वाला बयान राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने चोरी मामले या अपने इस्तीफे पर मीडिया से कोई सीधी टिप्पणी नहीं की, लेकिन अयोध्या में बने रहने की घोषणा ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया राजनीतिक और धार्मिक आयाम दे दिया है।
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