Kosovo Parliament Eggs Attack on Albin Kurti: कोसोवो की संसद में शनिवार को उस समय हंगामा मच गया, जब विपक्षी सांसद टाइम काद्रियाज ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री अल्बिन कुर्ती पर कई अंडे फेंक दिए। घटना के बाद संसद की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी और लाइव प्रसारण भी रोक दिया गया।

यह घटना उस समय हुई जब कुर्ती की पार्टी वेटेवेंडोस्जे जून में हुए संसदीय चुनाव के बाद नई सरकार और प्रमुख संवैधानिक पदों के गठन को लेकर विपक्षी दलों से बातचीत कर रही है। चुनाव में कुर्ती की पार्टी ने 120 में से 53 सीटें जीती हैं, लेकिन सरकार बनाने के लिए उसे अन्य दलों के समर्थन की जरूरत है।

विपक्षी अलायंस फॉर द फ्यूचर ऑफ कोसोवो (AAK) की सांसद टाइम काद्रियाज कुर्ती के पास पहुंचीं और उनकी दिशा में कई अंडे फेंके। उन्होंने इस दौरान “शर्म करो!” चिल्लाया। सुरक्षाकर्मियों और अन्य सांसदों ने तुरंत बीच-बचाव किया और कुर्ती को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

घटना के बाद संसद की कार्यवाही रोक दी गई। संसद की अध्यक्षता कर रहे अधिकारी ने लाइव प्रसारण बंद करने का आदेश दिया, जबकि सुरक्षा कर्मियों ने कुर्ती को घेर लिया। काद्रियाज ने बाद में घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया।

कुर्ती ने कहा- बातचीत जारी रखने की कीमत है तो चुकाने को तैयार

हमले के बावजूद कुर्ती शांत नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक बातचीत जारी रखने की कीमत उनके ऊपर अंडे फेंका जाना है, तो वह यह कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं।

दरअसल, कुर्ती से उम्मीद थी कि वह संसद के स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेंगे। हालांकि, उन्होंने इसके बजाय राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर बातचीत के लिए और समय मांगा। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों के बीच अभी सहमति नहीं बन पाई है।

टाइम काद्रियाज, विपक्षी सांसद और AAK नेता

ये भी पढ़ेंः

पीएम मोदी ने जेडी वेंस से फोन पर की बात, भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा; बेटे के जन्म पर दी बधाई

तीन बार चुनाव के बावजूद नहीं सुलझा राजनीतिक संकट

कोसोवो में पिछले दो वर्षों से राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। इस दौरान देश में तीन बार चुनाव हो चुके हैं। 7 जून को हुए ताजा चुनाव में कुर्ती की पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से दूर रह गई।

डेमोक्रेटिक लीग ऑफ कोसोवो (LDK) ने 18 सीटें और कोसोवो डेमोक्रेटिक पार्टी (PDK) ने 22 सीटें जीती हैं। LDK के नेता लुमिर अब्दिक्सहिकु के साथ कुर्ती की बातचीत भी अब तक किसी निर्णायक समझौते तक नहीं पहुंच पाई है।

संसद गठन की समयसीमा भी हुई पार

राजनीतिक संकट उस समय और गहरा गया जब संसद के गठन की संवैधानिक समयसीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई। नियमों के मुताबिक अंतिम चुनाव परिणामों की पुष्टि के 30 दिनों के भीतर संसद का गठन होना चाहिए।

हालांकि, संविधान में यह स्पष्ट नहीं है कि समयसीमा पार होने पर तत्काल क्या कार्रवाई होगी। राष्ट्रपति के चुनाव के लिए अलग से दो महीने की समयसीमा है। यदि इस अवधि में राष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो पाता है, तो नए संसदीय चुनाव कराना अनिवार्य हो सकता है। ऐसे में कोसोवो एक बार फिर चुनाव की ओर बढ़ सकता है।

ये भी पढ़ेंः

रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला- ‘रील बनाओ, मजदूरी करो, लेकिन नौकरी नहीं मिलेगी’; हजार में सिर्फ 12 युवाओं को परमानेंट नौकरी
Spread the love