Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। मायापुर में THDC की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का रिसाव और लैंडस्लाइड होने से टनल के अंदर मलबा भर गया। इस दौरान करीब 28 मजदूरों के फंसने की सूचना सामने आई। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
बचाव दल अब तक 18 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है, जबकि करीब 10 मजदूर अभी टनल के अंदर फंसे हुए हैं। फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
शाम करीब 7 बजे हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक हादसा 13 अगस्त की शाम करीब 7 बजे हुआ। पीपलकोटी के मायापुर में THDC की जल विद्युत परियोजना के लिए करीब 3 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण चल रहा है। इसी दौरान अचानक पानी रिसने लगा और लैंडस्लाइड के कारण बड़ी मात्रा में मलबा टनल में आ गया।
पानी और मलबे के कारण अंदर काम कर रहे मजदूरों का रास्ता बंद हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया।
#WATCH | Uttarakhand: Following reports of water and debris entering the under-construction THDC tunnel at Mayapur (Pipalkoti), the district administration is fully on alert. District Magistrate Gaurav Kumar reached the spot immediately after receiving information about the… pic.twitter.com/bZ2SNltOeE
— ANI (@ANI) August 13, 2026
एसपी ने बताया- टनल में 1.8 किलोमीटर अंदर आया मलबा और पानी
चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया, “टीएचडीसी की ओर से एक जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इसकी टनल में करीब 1.8 किलोमीटर अंदर शाम लगभग 6:30 से 6:45 बजे के बीच बड़ी मात्रा में मलबा और पानी आ गया। इससे वहां काम कर रहे मजदूर प्रभावित हुए। कई मजदूर मलबे में फंस गए थे। उन्हें बचाने के लिए अंदर गए छह लोग अब बाहर आ गए हैं। अभी भी कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें वहां राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।”
VIDEO | Chamoli, Uttarakhand: On Vishnugad-Pipalkoti tunnel collapse, Superintendent of Police (SP), Surjeet Singh Panwar says, “A hydro power project is being constructed by THDC. In its tunnel, at around 1.8 kilometre, at around 6:30–6:45 in the evening, a large amount of… pic.twitter.com/MGnyeATiCS
— Press Trust of India (@PTI_News) August 13, 2026
16 मजदूरों का रेस्क्यू, टनल में अचानक पानी का तेज बहाव आया
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया, “अब तक घटनास्थल से 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अभी भी कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है और हमें उम्मीद है कि उन्हें भी जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। रेस्क्यू किए गए लोगों को जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
NDRF, SDRF, पुलिस और फायर विभाग की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। इसके अलावा THDC सहित तकनीकी एजेंसियों की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं। PWD (राष्ट्रीय राजमार्ग) की मशीनरी और उपकरण भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए हैं। अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों की मेडिकल जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति की पूरी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।”
VIDEO | Chamoli: 16 workers rescued after sudden water surge in HCC tunnel, rescue operation underway.
District Magistrate Gaurav Kumar says, “So far, we have rescued 16 people from the site. There is a possibility that others are still trapped inside, and we hope to rescue… pic.twitter.com/MTriBCnZfe
— Press Trust of India (@PTI_News) August 13, 2026
THDC टनल हादसे पर प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा ने क्या कहा?
THDC के प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा ने बताया, “हमारे पास आई ताजा जानकारी के मुताबिक, साइट पर कुल 22 लोग काम कर रहे थे। इनमें एचसीसी के कर्मचारी और HCC से जुड़ी हमारी PRW टीम के लोग शामिल थे। अब तक 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 4 से 5 लोग अभी भी अंदर हैं। उन्हें बाहर निकालने के लिए हमारी टीमें टनल के अंदर गई हैं।
मजदूरों तक मदद पहुंचाने के लिए भेजी गई लोडर मशीन पानी में फंस गई और खराब हो गई। अब हम दूसरे माध्यमों से अंदर सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।”
Chamoli, Uttarakhand: On THDC tunnel collapse, Project Head, Ajay Verma says, “According to the latest update we have, a total of 22 people were working at the site, including personnel from HCC and our PRW team associated with HCC. So far, 16 people have been brought out safely,… pic.twitter.com/MiX1699wBd
— IANS (@ians_india) August 13, 2026
18 मजदूर सुरक्षित बाहर निकाले गए
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दल ने अब तक 18 मजदूरों को टनल से बाहर निकाल लिया है। बाहर निकाले गए मजदूरों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें तत्काल पीपलकोटी अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया है।
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand: Rescue operation underway to rescue trapped workers after a sudden inflow of debris and water into THDC’s under-construction tunnel in the Mayapur-Pipalkoti area of Chamoli district. pic.twitter.com/vlUvCm2rwA
— ANI (@ANI) August 13, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि 3-4 मजदूरों को ज्यादा चोटें आई हैं। जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को ऋषिकेश या श्रीनगर के बेस अस्पताल भेजने की तैयारी की गई है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को हेली-लिफ्ट करने की व्यवस्था भी तैयार रखी गई है।
हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में तीन मजदूरों की मौत का दावा किया गया है, लेकिन इस संबंध में आधिकारिक तौर पर स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है।
VIDEO | Uttarakhand: Chief Minister Pushkar Singh Dhami chairs a meeting at the State Emergency Operations centre to review the tunnel rescue operation in Chamoli district.
After the meeting, CM Dhami said, “Mud and debris from a landslide fell onto the workers operating inside… pic.twitter.com/2QQgfnlChb
— Press Trust of India (@PTI_News) August 13, 2026
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सेना और ITBP की टीमें भी मौके पर
बचाव अभियान में NDRF और SDRF के साथ पुलिस, फायर सर्विस, DRF, सेना और TTBP की टीमें भी शामिल हैं। गौचर और जोशीमठ से अतिरिक्त बचाव दलों को भी घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
चमोली प्रशासन के निर्देश पर गढ़वाल स्काउट के 20 जवान भी जोशीमठ से घटनास्थल पर पहुंचे हैं। जवान आवश्यक उपकरणों के साथ अन्य बचाव टीमों के साथ समन्वय कर टनल के अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
पानी में फंस गया मशीन लोडर
टीएचडीसी प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा के मुताबिक मजदूरों तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीमों को टनल के अंदर भेजा गया है। बचाव कार्य में इस्तेमाल किया जा रहा एक मशीन लोडर पानी में फंसकर खराब हो गया, जिसके बाद फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए दूसरे विकल्पों पर काम किया जा रहा है।
टनल में पानी और मलबे की मौजूदगी के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ रहा है।
7 महीने पहले भी हुआ था हादसा
पीपलकोटी की इसी टीएचडीसी परियोजना की टनल में करीब सात महीने पहले भी बड़ा हादसा हुआ था। 30 दिसंबर 2025 को शिफ्ट बदलने के दौरान मजदूरों और कर्मचारियों को ले जा रही लोको ट्रेन की सामान ढोने वाली दूसरी लोको ट्रेन से टक्कर हो गई थी।
उस हादसे में करीब 88 श्रमिक घायल हुए थे। कई श्रमिकों को फ्रैक्चर आया था, हालांकि किसी की मौत नहीं हुई थी। घायलों को टनल से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया था। बाद में टीएचडीसी की आंतरिक जांच में लोको वैगन ऑपरेटर की लापरवाही सामने आने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच भी शुरू की गई थी।
सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता
फिलहाल चमोली के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता टनल के अंदर फंसे सभी मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, सेना, आईटीबीपी, गढ़वाल स्काउट और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं।
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