Nepal Glacial Flood Update: नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 682 हो गई है। नेपाल में 675 और तिब्बत में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं करीब 3,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
बाढ़ के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का एक वीडियो सामने आया है। तिब्बत में एक टूर गाइड ग्रुप ने इसे ऊंचाई से रिकॉर्ड किया था। वीडियो में करीब 800 मीटर लंबा बर्फ और चट्टानों से बना ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर घाटी में गिरता नजर आ रहा है। इसके बाद भारी मात्रा में मलबा और पानी नीचे की ओर बहा, जिससे भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी तबाही मचा दी।
287 भारतीय अभी भी लापता
नेपाल में इस आपदा में 675 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में 7 मौतों की पुष्टि हुई है। करीब 3,000 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 287 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 400 भारतीय तिब्बत में फंसे हुए हैं। नेपाल और चीन में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर सुरंग में रेस्क्यू जारी
नेपाल के रसुवा में त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सुरंग के प्रवेश द्वार पर जमा मलबे, कीचड़ और टूटे सामान को हटाने के लिए एक्सकेवेटर समेत भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रेस्क्यू टीम सुरंग तक पहुंचने का रास्ता बनाने के लिए लगातार खुदाई कर रही है। ड्रिलिंग के दौरान टीम को शुरुआती सफलता भी मिली है। रेस्क्यू टीम सुरंग के ऊपरी हिस्से ‘क्राउन’ तक पहुंच गई है।
इसके बाद ड्रिल किए गए हिस्से से कैमरा और ऑक्सीजन अंदर भेजने की कोशिश की जा रही है। कैमरे के जरिए सुरंग के अंदर की स्थिति का पता लगाया जाएगा और ऑक्सीजन के जरिए अंदर मौजूद लोगों तक राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
शवों को सुरक्षित रखना बनी बड़ी चुनौती
भोटेकोशी बाढ़ के बाद नदी के बहाव में बहकर नीचे के इलाकों में पहुंचे शवों को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण कई शव तेजी से खराब हो रहे हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, देश में बड़ी संख्या में शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की पर्याप्त क्षमता नहीं है। सरकार ने शवों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर और फ्रीजर ट्रकों की मदद मांगी है। इनका इस्तेमाल पहचान और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक शवों को सुरक्षित रखने में किया जाएगा।
पुनर्निर्माण में लग सकते हैं अरबों डॉलर
भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान के बाद नेपाल के पुनर्निर्माण और पुनर्वास पर अरबों डॉलर खर्च होने का अनुमान है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शनिवार को काठमांडू में कहा कि सरकार पहले जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी।
इसके बाद पुनर्निर्माण और पुनर्वास की व्यापक योजना तैयार की जाएगी। खनाल ने कहा कि आपदा का पैमाना काफी बड़ा है और नेपाल को दोबारा खड़ा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग की जरूरत पड़ेगी।





