Pakistan-Modi Photo Row: शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO समिट के मंच से पाकिस्तान की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने उसकी मंशा पर सवाल खड़े कर दिए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर SCO की ग्रुप फोटो शेयर की, लेकिन इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर नहीं आए। बाद में यही तस्वीर दोबारा शेयर की गई, जिसमें पीएम मोदी भी दिखाई दिए।
पहली तस्वीर में मोदी समेत 6 नेता गायब
बिश्केक में आयोजित SCO समिट की मूल तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और दूसरे सदस्य देशों के नेता एक साथ खड़े थे। मूल तस्वीर में कुल 12 नेता दिखाई दे रहे थे।
लेकिन पाकिस्तान PMO की पहली पोस्ट में तस्वीर को इस तरह क्रॉप किया गया कि मोदी समेत 6 नेता फ्रेम से बाहर हो गए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान भी इस तस्वीर में नजर नहीं आए।
खास बात यह रही कि क्रॉप की गई तस्वीर में शहबाज शरीफ समेत सिर्फ 6 नेता दिखाई दे रहे थे। इससे सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि आखिर पाकिस्तान PMO ने पूरी तस्वीर के बजाय ऐसा फ्रेम क्यों चुना?
Prime Minister Muhammad Shehbaz Sharif in a group photo with heads of States at the SCO Council of Heads of State Summit in Bishkek, Kyrgyzstan on 1 September 2026. pic.twitter.com/3lsruWHaYV
— Prime Minister’s Office (@PakPMO) September 1, 2026
विवाद बढ़ा तो 6 घंटे बाद मोदी की तस्वीर वापस
पहली तस्वीर सामने आने के बाद विवाद बढ़ा तो करीब 6 घंटे बाद पाकिस्तान PMO की ओर से SCO की दूसरी तस्वीर शेयर की गई। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नजर आए।
यानी जिस तस्वीर में पहले मोदी नहीं थे, बाद की तस्वीर में वही मौजूद थे। इसी बदलाव को लेकर पाकिस्तान PMO की सोशल मीडिया रणनीति पर सवाल खड़े हुए।
सवाल सीधा है—अगर पहली तस्वीर सिर्फ सामान्य क्रॉपिंग थी, तो बाद में पूरी तस्वीर क्यों पोस्ट करनी पड़ी? और अगर यह गलती थी, तो इसे सुधारने में इतना वक्त क्यों लगा?
Prime Minister Muhammad Shehbaz Sharif in a family photo with world leaders for the SCO+ meeting at the SCO Council of Heads of State Summit in Bishkek, Kyrgyzstan on 1 September 2026. pic.twitter.com/JNRApoHQr4
— Prime Minister’s Office (@PakPMO) September 1, 2026
SCO मंच पर मोदी की मौजूदगी से पाकिस्तान को क्या परेशानी?
SCO कोई दो देशों के बीच का मंच नहीं है। यहां भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस और ईरान समेत कई देश एक साथ मौजूद थे। ऐसे में आधिकारिक ग्रुप फोटो में किसी प्रमुख सदस्य देश के प्रधानमंत्री को पहले हटाकर तस्वीर शेयर करना सामान्य सोशल मीडिया एडिटिंग से आगे का मामला दिखाई देता है।
खासकर तब, जब उसी सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा।
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मोदी का आतंकवाद पर दो टूक संदेश
SCO समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को मानवता और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसके खिलाफ एकजुट और निर्णायक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल आतंकियों को पकड़ना या उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आतंकवाद की फंडिंग, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों समेत पूरे तंत्र को खत्म करना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ सुरक्षा अभियानों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके पीछे मौजूद आर्थिक नेटवर्क, हथियारों और संसाधनों की सप्लाई, आतंकी संगठनों की भर्ती व्यवस्था और उन्हें संरक्षण देने वाली ताकतों पर भी प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति बनाने और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करने की अपील की।
मोदी ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे क्षेत्र और दुनिया पर पड़ता है। इसलिए सभी देशों को अपने राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी नीति अपनानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को किसी भी आधार पर सही ठहराने या उसके खिलाफ दोहरे मापदंड अपनाने से समस्या और गंभीर होती है।

शहबाज ने उठाया सिंधु जल संधि का मुद्दा
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में पानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि साझा जल संसाधनों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव या हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए।
शहबाज का यह बयान भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर जारी तनाव के बीच आया।
पुतिन बोले- SCO बना दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने SCO की बढ़ती वैश्विक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ देशों के छोटे समूह के रूप में शुरू हुआ शंघाई सहयोग संगठन अब दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन बन चुका है।
पुतिन के अनुसार, SCO के सदस्य देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है। साथ ही, इन देशों की अर्थव्यवस्थाएं मिलकर वैश्विक GDP के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े संगठन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक महत्व को दर्शाते हैं।
‘SCO started as an organization of just a few countries, but now it is the largest regional group in the world’ — Vladimir Putin
‘Its member countries account for almost half of the world’s population and about a third of global GDP,’ the Russian president notes pic.twitter.com/05EV0YWeOS
— RT (@RT_com) September 1, 2026
मोदी-जिनपिंग की अचानक मुलाकात भी चर्चा में
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी अचानक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। दोनों के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक पहले से निर्धारित नहीं थी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इस दौरान दोनों नेताओं के साथ नजर आए।
VIDEO | Bishkek, Kyrgyzstan: Prime Minister Narendra Modi meets Chinese President Xi Jinping and Russian President Vladimir Putin on the sidelines of the SCO Summit.
Source: AFP/PTI (Only for use in India)
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/lXRI9rdLaC
— Press Trust of India (@PTI_News) September 1, 2026
पाकिस्तान की तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल
SCO समिट में एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एकजुट होने का संदेश दे रहे थे, दूसरी तरफ पाकिस्तान के PMO की पहली पोस्ट में उन्हीं मोदी की तस्वीर गायब थी।
बाद में मोदी को तस्वीर में वापस लाने से मामला और दिलचस्प हो गया।
सवाल अब भी यही है। पहले मोदी को तस्वीर से हटाने की जरूरत क्यों पड़ी और फिर कुछ घंटे बाद उन्हें वापस क्यों दिखाया गया? क्या पाकिस्तान सिर्फ एक फोटो एडिट कर रहा था या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी था?
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