Mecca Emergency Alert: यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके बाद सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। मक्का के अलावा जेद्दा और ताइफ में भी संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई।
नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म ने जारी की चेतावनी
सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक, नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को संभावित खतरे की जानकारी दी गई। जेद्दा गवर्नरेट के लिए जारी आधिकारिक अलर्ट में लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
“जेद्दा गवर्नरेट में संभावित खतरे को लेकर नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म ने चेतावनी जारी की है। कृपया नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें।”
A warning has been issued by the National Early Warning Platform in the Jeddah Governorate to alert of a potential danger. Please follow the instructions below: pic.twitter.com/Iz98UOKXb4
— الدفاع المدني السعودي (@SaudiDCD) September 15, 2026
हालांकि, कुछ ही देर बाद कुछ देर बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि खतरा टल गया है। हालांकि, लोगों से भीड़ और खुले इलाकों से दूर रहने तथा किसी घटना की फोटो या वीडियो नहीं बनाने की अपील की गई।
लोगों से खुले इलाकों में जाने से बचने की अपील
मक्का, जेद्दा और ताइफ में जारी अलर्ट में लोगों से भीड़ और खुले इलाकों में जाने से बचने को कहा गया। लोगों से शांत रहने और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित जगह जाने की अपील की गई।
लोगों को घर के अंदर रहने और खिड़कियों, बालकनी, छत, कांच और खुली जगहों से दूर रहने की सलाह दी गई। घर से बाहर मौजूद लोगों को पास की किसी इमारत में जाने या किसी मजबूत चीज की आड़ में छिपने और खतरा टलने तक वहीं रहने को कहा गया।
2017 में भी मक्का की ओर दागी गई थी मिसाइल
इससे पहले 27 जुलाई 2017 को हूती विद्रोहियों ने मक्का की तरफ बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, मिसाइल को मक्का से करीब 69 किलोमीटर दूर अल-वसिलिया इलाके में नष्ट कर दिया गया था।
सऊदी अधिकारियों ने तत्काल यह स्पष्ट नहीं किया कि कोई मिसाइल या ड्रोन इन शहरों में गिरा था या नहीं। इस बीच हूतियों की ओर से सऊदी ठिकानों पर हाल के दिनों में कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने की जानकारी सामने आई है। सोमवार के हमलों में 13 नागरिकों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई थी।
मक्का की सुरक्षा कैसे होती है?
मक्का दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण इस्लामिक तीर्थस्थल है। यहां मस्जिद अल-हरम और काबा स्थित हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु हज और उमरा के लिए पहुंचते हैं। इसलिए मिसाइल, ड्रोन या किसी अन्य हवाई खतरे से सुरक्षा बेहद अहम है।
मक्का की सुरक्षा में मुख्य रूप से चार स्तर शामिल हैं:
- एयर डिफेंस: मिसाइल और ड्रोन जैसे हवाई खतरों को रास्ते में ही रोकने की कोशिश की जाती है।
- रडार और निगरानी: हवाई क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जाती है, ताकि खतरे का समय रहते पता चल सके।
- मोबाइल अलर्ट: नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म मोबाइल नेटवर्क के जरिए लोगों को खतरे की जानकारी देता है।
- पुलिस और सिविल डिफेंस: किसी हमले या विस्फोट की स्थिति में रेस्क्यू, आग बुझाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और भीड़ नियंत्रित करने की जिम्मेदारी संभालते हैं।
हूती हमलों में अब तक 86 लोग घायल
ये इमरजेंसी अलर्ट सऊदी अरब पर हूतियों के लगातार हमलों के बीच जारी किए गए हैं। सोमवार को हूतियों ने खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ की ओर कई मिसाइल और ड्रोन दागे थे।
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 13 नागरिक घायल हुए थे।
पिछले हफ्ते भी हूतियों ने सऊदी अरब पर बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इनमें अबहा, खमिस मुशैत, जाजान और नजरान शहरों को निशाना बनाया गया था। इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए थे।
यमन में तनाव के बाद सऊदी में हमले
ईरान से जुड़े हूतियों का आरोप है कि सऊदी अरब यमन में हवाई हमले कर रहा है और क्रूज मिसाइलें दाग रहा है। यमन के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष जारी है।
इसी बीच हूतियों ने यमन के पश्चिमी लाल सागर तट पर अपना कब्जा बढ़ाया है। उन्होंने सोमवार को इस इलाके में ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश द्वीपों पर भी कब्जा करने का दावा किया। दोनों द्वीप बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से करीब 160 किलोमीटर उत्तर में स्थित हैं।
यमन में 500 से ज्यादा सरकारी लड़ाके मारे गए
हूतियों के खिलाफ लड़ाई में पिछले चार हफ्तों में सरकार समर्थित 500 से ज्यादा लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। सरकार के समर्थन में लड़ने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के मुताबिक, इसी दौरान होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके भी मारे गए।
हालांकि, हूतियों ने इन आंकड़ों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यमनी सरकार ने लाल सागर के तट पर और सैनिक भेजने का फैसला किया है। एक सरकारी अधिकारी ने पिछले हफ्ते की हार स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी बल दोबारा इलाके में लौटेंगे।
सऊदी की मदद से पाकिस्तान ने इनकार किया
हूती विद्रोहियों के हमले और उनके बढ़ते कब्जे ने सऊदी अरब की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब मदद के लिए अपने सहयोगी देशों से संपर्क कर रहा है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने सऊदी की मदद करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सेना सऊदी अरब की जमीन की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन वह किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी।
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