Pakistan Increases Masood Azhar Bounty: पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए कर दी है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अपनी नई रेड बुक में मसूद अजहर को एक बार फिर भगोड़ा घोषित किया है। 2021 में FIA ने उस पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपए का इनाम घोषित किया था।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अक्टूबर में FATF की बैठक होने वाली है। ऐसे में मसूद अजहर के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से की गई इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और आतंकी फंडिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा है नाम
मसूद अजहर का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। वह भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आतंकी हमले का आरोपी है। जैश-ए-मोहम्मद को भारत के अलावा अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
2021 में पाकिस्तान ने कहा था- अफगानिस्तान भाग गया
पाकिस्तान ने 2021 में दावा किया था कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है और वह अफगानिस्तान चला गया है। इसके बाद FIA ने उसे अपनी रेड बुक में भगोड़ा घोषित करते हुए 50 लाख रुपए का इनाम रखा था। अब इस राशि को बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए कर दिया गया है।
In a bid to mislead the global community once again, Pakistan has announced a reward of PKR 70 lakh on Jaish-e-Mohammed (JeM) chief Masood Azhar. In its newly released Red Book of most wanted terrorists, Pakistan’s Federal Investigation Agency (FIA) has categorized Masood Azhar… pic.twitter.com/GwaFNtbjYb
— ANI (@ANI) September 14, 2026
कंधार विमान हाईजैक के बाद रिहा हुआ था मसूद
मसूद अजहर 1994 में भारत में गिरफ्तार किया गया था। दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के कंधार हाईजैक के दौरान अपहरणकर्ताओं ने उसकी रिहाई की मांग की थी।
31 दिसंबर 1999 को भारत ने यात्रियों और क्रू की सुरक्षित रिहाई के बदले मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर को रिहा किया था। इसके बाद मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की।
FATF बैठक से पहले कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण?
पाकिस्तान पहले FATF की ग्रे लिस्ट में रह चुका है। उस दौरान उस पर आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए कार्रवाई करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव था। अक्टूबर 2022 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया था।
अब FATF की आगामी बैठक से पहले मसूद अजहर जैसे आतंकी के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा पाकिस्तान के लिए अहम मानी जा रही है। इससे पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह संदेश देने की कोशिश कर सकता है कि वह आतंकवाद और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कदम उठा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में परिवार के सदस्यों की मौत
22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। बहावलपुर में हुई कार्रवाई में मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्यों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, इनमें उसकी बड़ी बहन, बहनोई, भतीजा, भतीजे की पत्नी, एक भतीजी और उसके पांच बच्चे शामिल थे। हमले के समय मसूद अजहर मौके पर मौजूद नहीं था।
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