Delhi Police Investigation: जंतर-मंतर के पास बुधवार को हुए कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई कथित धक्का-मुक्की और मारपीट को लेकर दिल्ली पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस ने घटना से जुड़े कई मोबाइल वीडियो जुटाए हैं और इनके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने वाले प्रदर्शनकारी कौन थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सामने आए कुछ वीडियो में महिला पुलिस अधिकारियों और कांस्टेबलों के साथ धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। जांच के दौरान पुलिस यह भी देख रही है कि विवाद की शुरुआत किस तरह हुई और प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर क्या घटनाक्रम हुआ।
वीडियो के आधार पर होगी पहचान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना से जुड़े वीडियो और अन्य स्रोतों से मिले फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। इन फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान करने की कोशिश है, जिनकी पुलिसकर्मियों के साथ कथित झड़प हुई थी।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत FIR दर्ज किए जाने की संभावना है, जिनमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, उनके काम में बाधा डालने और ड्यूटी के दौरान उन्हें रोकने से जुड़े अपराध शामिल हैं।
राहुल गांधी ने बैरिकेड का गेट खोलने की कोशिश की
यह घटना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान हुई। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया।
इसी दौरान राहुल गांधी ने बैरिकेड से लगे गेट को खोलने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
प्रियंका गांधी ने लगाए बदसलूकी के आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया। पार्टी के मुताबिक, इस दौरान कई विपक्षी नेताओं को चोटें आईं। प्रियंका गांधी भी प्रदर्शन के दौरान जमीन पर लेटी हुई दिखाई दीं।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें जमीन पर गिराया। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।
इससे पहले मंगलवार को हुए प्रदर्शन को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की थी। पुलिस का कहना है कि INDIA ब्लॉक की ओर से संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च की योजना बनाई गई थी, लेकिन इसके लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।






