NSUI Protest: दिल्ली में CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले गुरुवार देर रात हंगामा हुआ। एक ओर शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर संसद मार्ग थाने के बाहर NSUI कार्यकर्ताओं ने महिला सदस्यों से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। NSUI ने दावा किया कि इस दौरान संगठन के अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
NSUI के मुताबिक, उसके कार्यकर्ता दिल्ली पुलिस की एक महिला अधिकारी पर महिला सदस्यों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराने पहुंचे थे। संगठन का दावा है कि बुधवार को अतिरिक्त डीसीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद मामले में FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
रात के करीब 2 बज रहे हैं।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री शायद चैन की नींद सो रहे होंगे।
लेकिन युवा कांग्रेस और NSUI के साथी अब भी संसद मार्ग थाने के बाहर बैठे हैं।
क्योंकि हमारी दो बहनों अथिरा और रितु बराला के साथ दिल्ली पुलिस की बर्बरता को 48 घंटे से ज़्यादा हो गए। वीडियो पूरे देश ने देखे, लेकिन न एक FIR हुई, न किसी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई।
मोदी जी, आपकी नींद पूरी हो सकती है, हमारी लड़ाई नहीं।
अपनी बहनों को न्याय दिलाए बिना यहाँ से नहीं उठेंगे।
— Indian Youth Congress (@IYC) October 15, 2026
NSUI का आरोप- महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई
NSUI ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायत पर FIR दर्ज करने के बजाय प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही कार्रवाई की। संगठन के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दावा किया कि महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और कुछ को अंधेरे कमरे में ले जाकर जूते और बूट से पीटा गया।
जाखड़ ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता केवल FIR दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला कार्यकर्ताओं के लिए न्याय मांगना क्या अपराध है?
#WATCH | Delhi: Several NSUI workers were detained by law enforcement authorities after staging a protest outside the Parliament Street Police Station. https://t.co/b80SM1PZl1
— ANI (@ANI) October 15, 2026
विनोद जाखड़ बोले- मेरे जूते उतरवाए, कपड़े फाड़े; आम नागरिक के साथ क्या होगा?
संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। जाखड़ ने कहा, “हमने अतिरिक्त डीसीपी से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को देखेंगे। मेरे जूते तक उतरवा दिए गए और मेरे कपड़े फाड़ दिए गए… जब NSUI अध्यक्ष के साथ ऐसा हो रहा है, तो सोचिए आम नागरिक के साथ क्या करेंगे।”
VIDEO | While holding a sit-in dharna outside Parliament Street police station, NSUI president Vinod Jakhar said, “We met the Additional DCP, he said they will see. Even my shoes have been removed, my clothes have been torn… This is happening with the NSUI president, just think what they will do to a common citizen.”
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/bIyFWTfmBd)
#Delhi
— Press Trust of India (@PTI_News) October 15, 2026
NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडे ने भी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। उन्होंने मामले में तत्काल FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस की बर्बरता की हद देखिए! NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ जी को जिस तरह जबरन घेरकर ले जाया जा रहा है, उसमें उनकी शर्ट से उनका गला दबने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।
अगर कल को विनोद जाखड़ जी के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की होगी।
याद रखिए, यह लड़ाई सिर्फ़ FIR दर्ज करवाने की नहीं, बल्कि हमारे साथियों को न्याय दिलाने की है। कितनी भी बर्बरता कर लो, हमारा सत्याग्रह और संघर्ष रुकने वाला नहीं है। FIR दर्ज करवाकर और अपने साथियों को न्याय दिलाकर ही दम लेंगे! ✊🏽🔥
#NSUI #JusticeForStudents #Satyagraha
— NSUI (@nsui) October 15, 2026
आज शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में CJP का तिरंगा मार्च
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की है। ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से प्रस्तावित इस मार्च का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करना और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराना है।
कनॉट प्लेस, बाबा खड़क सिंह मार्ग और संसद मार्ग पर शुक्रवार सुबह के दृश्य सामने आए। मार्च को लेकर दिल्ली के इन इलाकों में गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
VIDEO | Delhi: Morning visuals from Connaught Place, Baba Kharak Singh Marg and Sansad Marg.
Cockroach Janta Party (CJP) founder Abhijeet Dipke has called on people to join the ‘Lehra do Tiranga’ march today carrying the national flag at Central Park, Connaught Place.
The NDMC (New Delhi Municipal Council) said Central Park would remain shut on Friday and Saturday.
#DelhiNews #ConnaughtPlace
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 16, 2026
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए लोगों से मार्च में शामिल नहीं होने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं।
वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों से शुक्रवार और शनिवार यानी 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रखने की जानकारी दी है। ऐसे में मार्च के आयोजन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
अभिजीत दिपके बोले- तिरंगा लहराने के लिए जेल जाने को तैयार
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पुलिस उन्हें रात में या शुक्रवार सुबह हिरासत में ले सकती है। उन्होंने कहा कि वह तिरंगा लहराने के लिए जेल जाने को भी तैयार हैं।
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दिपके ने कहा, “हम शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करेंगे और तिरंगा लहराएंगे।”
VIDEO | Delhi: “We will march peacefully and wave Tricolour,” says CJP founder Abhijeet Dipke ahead of ‘Lehra Do Tiranga’ march.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p)
#Delhi https://t.co/KqqW2NsMlh
— Press Trust of India (@PTI_News) October 15, 2026
दिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस और खुफिया एजेंसियां उन पर नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांग सरकार बदलने की नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जगह एक निष्पक्ष व्यक्ति को नियुक्त करने की है।
उन्होंने अपने सहयोगियों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया। CJP की ओर से प्रस्तावित मार्च ऐसे समय हो रहा है, जब SIR की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
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