Raghav Chadha: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर बिना नाम लिए अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने सीधे बयान देने के बजाय एक अंग्रेजी किताब के जरिए संदेश दिया, जिसे सियासी गलियारों में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर तंज माना जा रहा है।
‘48 लॉज ऑफ पावर’ से उठा मुद्दा
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन (Robert Greene) की चर्चित किताब “The 48 Laws of Power” पढ़ते हुए अपनी फोटो शेयर की। साथ ही उन्होंने किताब के पहले चैप्टर का एक हिस्सा भी पोस्ट किया।
क्या कहती है किताब की लाइन?
इसमें लिखा है-
“अपने बॉस या मालिक से ज्यादा चमकने की कोशिश कभी न करें। अगर आप ऐसा करते हैं, तो इससे उनमें डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।”
किताब में आगे सलाह दी गई है कि हमेशा अपने से ऊपर के लोगों को खुद से ज्यादा सक्षम और प्रभावशाली महसूस कराएं। जरूरत से ज्यादा अपनी प्रतिभा दिखाना उल्टा पड़ सकता है।
केजरीवाल पर इशारा?
हालांकि राघव चड्ढा ने कहीं भी सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल का नाम नहीं लिया, लेकिन आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के बीच इस पोस्ट को उनके खिलाफ एक ‘क्रिप्टिक अटैक’ माना जा रहा है।
पहले भी दे चुके हैं संकेत
इससे पहले भी राघव चड्ढा पार्टी पर अप्रत्यक्ष हमले करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने लिखा था, “यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है”, जिससे संकेत मिला कि आने वाले समय में वे और खुलकर सामने आ सकते हैं।
AAP का पलटवार
वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से भी उन पर निशाना साधा गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और बीजेपी के खिलाफ अपने पुराने ट्वीट डिलीट कर दिए हैं।
पुराना वीडियो फिर चर्चा में
AAP के पूर्व नेता कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) का एक पुराना वीडियो भी इन दिनों चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “जो ज्यादा चमकता है, वही सबसे पहले निशाने पर आता है।”
सियासत में बढ़ती हलचल
अब राघव चड्ढा की यह ‘किताबी पोस्ट’ सियासत में नया संदेश दे रही है। सवाल यही है- क्या यह सिर्फ एक संयोग है या फिर पार्टी के अंदर चल रही खामोश जंग का खुला इशारा?







