Trump Ceasefire Fail? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा घोषित दो सप्ताह के सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद मध्य पूर्व में हालात फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। युद्धविराम को लेकर बनी उम्मीदों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और ईरान से हमलों तथा धमाकों की खबरें सामने आई हैं, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या ट्रंप का सीजफायर शुरू होते ही फेल हो गया।
ट्रंप ने किया था शांति समझौते का दावा
बुधवार सुबह अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का ऐलान किया गया था। ट्रंप ने दावा किया था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की मध्यस्थता के बाद यह समझौता हुआ। उन्होंने इसे विश्व शांति की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा था कि ईरान अब संघर्ष से थक चुका है और शांति चाहता है।
UAE ने मिसाइल हमले का दावा किया
सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद यूएई ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने में लगी हुई है। यूएई ने कहा कि कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया और जवाबी कार्रवाई जारी है। हालांकि, हमले की सटीक जगह का खुलासा नहीं किया गया।
कुवैत पर ड्रोन हमले, तेल प्रतिष्ठान निशाने पर
कुवैत की सेना ने सुबह आठ बजे से ईरानी ड्रोन हमलों का सामना करने की पुष्टि की। सेना के अनुसार कई ड्रोन मार गिराए गए, लेकिन कुछ ड्रोन दक्षिणी क्षेत्र के तेल प्रतिष्ठानों और बिजली स्टेशनों तक पहुंच गए, जिससे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ है।
ईरान में लावन रिफाइनरी में बड़ा धमाका
इसी बीच ईरान के लावन आईलैंड स्थित लावन ऑयल रिफाइनरी में बड़ा विस्फोट हुआ है। ईरानी मीडिया के मुताबिक सीजफायर लागू होने के बाद यह पहला बड़ा धमाका है। फिलहाल विस्फोट के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लेबनान पर लागू नहीं होगा युद्धविराम
इजरायल ने साफ कर दिया है कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी और लेबनान मोर्चे पर किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
क्यों कमजोर पड़ता दिख रहा है सीजफायर?
विश्लेषकों का मानना है कि यह युद्धविराम बेहद सीमित दायरे वाला समझौता था, जिसमें सिर्फ अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच प्रत्यक्ष हमलों को रोकने की बात थी। खाड़ी देशों, प्रॉक्सी समूहों और लेबनान जैसे मोर्चों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, इसलिए शुरुआत से ही इसकी स्थिरता पर सवाल उठ रहे थे।
आगे क्या होगा?
ताज़ा घटनाक्रम ने ट्रंप के “विश्व शांति” वाले दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर आने वाले घंटों में हमले नहीं रुकते, तो यह सीजफायर पूरी तरह विफल माना जा सकता है और मध्य पूर्व एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ सकता है।






