Trump’s Big Move: दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर अमेरिकी नेवी ने यहां सख्त नाकाबंदी लागू कर दी है।
यह नाकाबंदी भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से लागू हुआ। जिसके बाद इस मार्ग से गुजरने वाले हर जहाज पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है।
ट्रंप की सीधी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा है कि अगर कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के करीब आता है, तो उसे तुरंत तबाह कर दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई बिना किसी देरी के की जाएगी और वही रणनीति अपनाई जाएगी, जो समुद्र में ड्रग तस्करी रोकने के लिए इस्तेमाल होती है।
हर जहाज की होगी जांच
अमेरिकी कार्रवाई के तहत अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों की जांच की जा रही है।
खास तौर पर उन जहाजों को निशाने पर रखा गया है, जिन पर यह संदेह है कि उन्होंने ईरान को “टोल” दिया है।
अमेरिका का मानना है कि यह टोल अवैध है और इससे ईरान को आर्थिक फायदा होता है, जिसे रोकना जरूरी है।
ईरान का पलटवार और भारत को राहत
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ( Mohammad Fathali) ने कहा कि ईरान ने अब तक किसी भी भारतीय जहाज से कोई टोल नहीं लिया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने में मदद की जाएगी और भारत के व्यापारिक हितों का ध्यान रखा जाएगा।
वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का सबसे अहम रास्ता माना जाता है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे तौर पर ग्लोबल ऑयल सप्लाई और कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव और बढ़ता है, तो इसका असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।






