Iran Opens Hormuz Strait: सीजफायर के बीच मध्य पूर्व से बड़ी राहत भरी खबर आई है। होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को ईरान ने कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल सप्लाई को राहत मिली है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) ने X पर पोस्ट कर बताया कि सभी व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि यह रास्ता पहले से तय है और ईरान की पोर्ट्स एवं मैरीटाइम अथॉरिटी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, ताकि किसी तरह की बाधा न आए।
https://x.com/araghchi/status/2045121573124759713?
ट्रंप का “थैंक यू”, लेकिन नाकेबंदी जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump? ने ईरान के इस फैसले पर “Thank You” कहा है, लेकिन साथ ही साफ किया कि अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। उनका कहना है कि यह नाकेबंदी केवल ईरान पर लागू होगी। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि भले ही जलमार्ग खुल गया हो, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है।
ईरान की चेतावनी-फिर बंद होगा स्ट्रेट
अमेरिका के रुख पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों और जहाजों पर नाकेबंदी जारी रही, तो इसे सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद कर दिया जाएगा।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबर (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने कहा कि ऐसे फैसले सोशल मीडिया से नहीं बल्कि जमीनी हालात के आधार पर लिए जाएंगे।
यूरेनियम पर ट्रंप का दावा, ईरान ने किया खारिज
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपने संवर्धित (एनरिच्ड) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार है और दोनों देशों के बीच शांति समझौता करीब है। उन्होंने कहा कि अगर डील होती है तो तेल सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
हालांकि ईरानी मीडिया ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे “हकीकत से दूर” बताया है।
परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ी चिंता
यूरेनियम एनरिचमेंट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के अनुसार, ईरान के पास 5 से 6 टन के बीच एनरिच्ड यूरेनियम का भंडार है। इसमें से करीब 120–130 किलोग्राम यूरेनियम 60% तक एनरिच्ड है, जबकि 90% तक पहुंचने पर परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। फिलहाल ईरान इस स्तर तक पूरी तरह नहीं पहुंचा है, लेकिन बढ़ती क्षमता को देखते हुए अमेरिका और उसके सहयोगी देश लगातार उस पर दबाव बना रहे हैं।
पाकिस्तान में हो सकती है अगली वार्ता
सूत्रों के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच अगली वार्ता पाकिस्तान में सोमवार को हो सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के हालिया बयानों से संकेत मिलते हैं कि बातचीत की प्रक्रिया जारी है।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार प्रभावित हो सकते हैं। भारत जैसे देशों की ऊर्जा सुरक्षा भी काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर करती है।
भले ही होर्मुज स्ट्रेट का खुलना फिलहाल वैश्विक बाजारों के लिए राहत की खबर है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच जारी खींचतान यह साफ कर रही है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। आने वाली वार्ताएं तय करेंगी कि यह राहत स्थायी होगी या फिर तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है।






