Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत त्यागी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व नहीं करती, बल्कि एक खास समाज को प्राथमिकता देती है।
त्यागी ने कहा कि प्रदेश में ब्राह्मण, त्यागी और भूमिहार समाज की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई ऐसे नेताओं को उच्च श्रेणी की सुरक्षा दी गई है जो चुनाव हार चुके हैं, जबकि अन्य समाजों के नेताओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने सुरेश राणा, संगीत सोम, धनंजय सिंह, बृजेश सिंह और अभय सिंह का नाम लेते हुए कहा कि इन्हें Z+ और Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है, जबकि अन्य समाजों के नेताओं को यह सुविधा नहीं मिलती।
उन्होंने यह भी कहा कि इन नामों में किसी भी गुप्ता, अग्रवाल, त्यागी, माहेश्वरी या भूमिहार समाज का प्रतिनिधि नहीं है, जिससे सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े होते हैं। त्यागी ने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मीडिया पर बंदूक का पहरा है, लेकिन हमारी जुबान पर नहीं, इसलिए हम सच बोल रहे हैं।
प्रदेश सरकार पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर ही असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने संजीव बालियान के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जब पार्टी के अपने नेता ही सुनवाई न होने की बात कह रहे हैं, तो यह सरकार की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।
त्यागी ने माछरा क्षेत्र में परशुराम यात्रा को अनुमति न मिलने को भी मुद्दा बनाते हुए कहा कि यह सरकार की भेदभावपूर्ण नीति को दर्शाता है। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले कार्यकर्ताओं को भी चेतावनी दी कि जो अन्य दलों का प्रचार करेंगे, उनके लिए संगठन में कोई जगह नहीं होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधते हुए त्यागी ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। उनका दावा है कि ब्राह्मण और दलित समाज एक साथ आकर सत्ता के समीकरण बदल देंगे।
उन्होंने खतौली उपचुनाव और नोएडा में आयोजित महारैली का हवाला देते हुए कहा कि 2022-23 की घटनाओं के बाद त्यागी-भूमिहार ब्राह्मण समाज ने भाजपा से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। त्यागी के अनुसार, इस वर्ग में शामिल विभिन्न उपनामों और समुदायों की देशभर में लगभग 17.5% आबादी है, जो आने वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। उनका यह भी कहना है कि यूपी की सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारेंगे।






