Women’s Reservation Bill: बिहार की राजधानी पटना में महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विधेयक के संसद में पारित न होने के विरोध में भाजपा द्वारा ‘जन आक्रोश महिला मार्च’ निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर महिलाएं तख्तियां लेकर जुटीं और विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान एक महिला ने खुद को बेड़ियों में जकड़कर विरोध जताया, जो प्रदर्शन का प्रमुख आकर्षण बना।
भाजपा नेता श्रेयसी सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर है, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। उनका कहना था कि जो दल मंचों से ‘आधी आबादी’ की बात करते हैं, वही राजनीतिक भागीदारी देने के समय पीछे हट जाते हैं।
भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने भी कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर महिला आरक्षण बिल को रोका गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंचित और अंतिम पंक्ति की महिलाओं को सशक्त बनाने के पक्षधर हैं।
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने इस मुद्दे को महिलाओं के अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस ने गंभीर गलती की है और इसका विरोध पूरे राज्य में फैलाया जाएगा। वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने दावा किया कि यह आक्रोश मार्च सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिलों और प्रखंडों तक पहुंचेगा।
दूसरी ओर, जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने भी विपक्ष के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की जरूरत बताते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन जरूरी है।
यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है।








