Assembly Elections 2026: चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार शाम 6 बजे के बाद पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू में चुनाव प्रचार पूरी तरह थम गया है। लेकिन मतदान से ठीक पहले दोनों राज्यों में आखिरी दिन राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी और रैलियों की बाढ़ देखने को मिली।
बंगाल में अंतिम दिन जोरदार चुनावी जंग
पश्चिम बंगाल में सियासी मुकाबला पूरे दिन बेहद तीखा रहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई रैलियों को संबोधित कर जनता से समर्थन की अपील की और राज्यभर में माहौल बनाए रखा।
वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता लगातार क्षेत्रों में सक्रिय रहे और पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया।
दूसरी ओर भाजपा ने भी अंतिम दिन पूरी ताकत झोंक दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कुल्टी में जनसभा कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और युवाओं को लेकर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने विभिन्न इलाकों में रोड शो और सभाएं कीं।
कांग्रेस और अन्य दलों की भी सक्रिय मौजूदगी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में जनसभाएं कर चुनावी माहौल को धार देने की कोशिश की।
भाजपा के समर्थन में अन्य राज्यों के नेता भी मैदान में उतरे, जिनमें हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) और हेमा मालिनी (Hema Malini) शामिल रहे।
तमिलनाडु में भी अंतिम दिन दिखा शक्ति प्रदर्शन
तमिलनाडु में भी चुनावी माहौल पूरे दिन गरमाया रहा, जहां द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (Dravida Munnetra Kazhagam) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला।
कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली और चेन्नई में बड़े पैमाने पर रैलियां और रोड शो आयोजित किए गए। केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल (Piyush Goyal) ने एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
आरोप-प्रत्यारोप से गरमाया राजनीतिक माहौल
प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने डीएमके सरकार पर वंशवादी राजनीति और प्रशासनिक विफलताओं के आरोप लगाए। वहीं एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (Edappadi K. Palaniswami) ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
अब निगाहें मतदान पर
शाम 6 बजे प्रचार थमने के साथ ही अब दोनों राज्यों में सियासी शोर पूरी तरह खत्म हो गया है। राजनीतिक दलों ने अपना आखिरी दांव खेल दिया है, और अब जनता के फैसले का इंतजार है, जो आने वाले मतदान में सामने आएगा।








