Great Step with India: अमेरिका ने भारत और रुस के बीच बढ़ते व्यापार खास तौर पर कच्चे तेल के आयात को रोकने के लिए भारी भरकम टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। अमेरिका के 50% टैरिफ लगाए जाने के बावजुद भारत ने रुस से तेल आयात को कम करने की बजाय बढ़ा दिया है ईरान अमेरिका के बीच जंग के बीच हार्मुज को लेकर बना गतिरोध लगातार बड़ा होता जा रहा है ।
अब अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को भारत और अमेरिका के बड़े हित के तौर पर दर्शा रहा है । नई दिल्ली में वाशिंगटन के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ एक ऐसा व्यापार समझौता करने की कोशिश कर रहा है जिससे दोनों पक्षों को लाभ हो।गोर ने इस सप्ताह की शुरुआत में बताया है की जल्द ही एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन पहुंचेगा।
फरवरी में, वाशिंगटन ने भारत पर टैरिफ का बोझ पहले के 50% से घटाकर 18% कर दिया। इस टैरिफ का आधा हिस्सा नई दिल्ली द्वारा रूस से आयात किए जाने वाले तेल पर था। इसके बाद, अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न देशों से आयात पर लगाए गए टैरिफ को रद्द करने के बाद अमेरिका के साथ बातचीत पटरी से उतर गई थी ।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर लगातार रिश्ते तल्ख होते जा रहे है जिसमें ”आग में घी का काम” किया अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने मार्च में दिए गए बयान ने और बढ़ा दिया । क्रिस्टोफर ने कहा था की अमेरिका भारत को चीन की तरह एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरने नहीं देगा। लैंडौ ने आगे कहा कि वाशिंगटन 2001 में चीन को विश्व व्यापार संगठन में प्रवेश दिलाने के फैसले को एक रणनीतिक गलती मानता है।
भारत ने हाल ही में ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते किए हैं, क्योंकि वह निर्यात बाजारों में विविधता लाना चाहता है और अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।
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