West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार को होने वाले इस चरण में करीब 3.6 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर लगभग 44,000 मतदान केंद्रों पर कराया जाएगा।
दो चरणों में चुनाव, सुरक्षा पर विशेष जोर
इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि 2021 में 8 और 2016 में 6 चरणों में मतदान हुआ था। चरण कम होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक सख्त बनाया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।
TMC और BJP के बीच सीधा मुकाबला
कम से कम 80 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा (BJP) के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला भी देखने को मिल सकता है, जहां वाम मोर्चा और कांग्रेस भी मैदान में हैं।
किन जिलों में होगा मतदान
पहले चरण में जिन 16 जिलों में वोटिंग होगी, उनमें दार्जिलिंग, कालीम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम बर्धमान, पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, पश्चिम मिदनापुर और पूर्व मिदनापुर शामिल हैं। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
2.4 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। करीब 2,407 कंपनियां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनात की गई हैं, जिसमें 2.4 लाख से अधिक जवान शामिल हैं। संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
7,000 से अधिक बूथ संवेदनशील घोषित
कुल 7,384 मतदान केंद्रों को ‘अति संवेदनशील’ या ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में रखा गया है। यहां क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं
चुनाव आयोग ने इस बार दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। ब्रेल-सक्षम ईवीएम, रैंप, व्हीलचेयर और प्राथमिकता कतार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की गई है।
मतदाता सूची पर राजनीतिक विवाद
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची में किए गए संशोधन को लेकर सियासत भी तेज है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कुछ समुदायों के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि बीजेपी ने इसे फर्जी और डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाने की कार्रवाई बताया है।
91 लाख नाम हटाने पर घमासान
चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ जैसे मानदंड को लेकर भी राजनीतिक बहस जारी है।
कड़े सुरक्षा घेरे में अहम मतदान
कुल मिलाकर, कड़े सुरक्षा इंतजामों और तीखे राजनीतिक मुकाबले के बीच पश्चिम बंगाल का पहला चरण बेहद अहम माना जा रहा है। इस चरण के नतीजे पूरे चुनावी माहौल की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।








