गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा है। यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों और 518 गांवों से होकर गुजरेगा, जिनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं।
इस एक्सप्रेस-वे की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं
- यह छह लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है।
इसमें आधुनिक सुविधाएं जैसे एयरस्ट्रिप, हाईटेक टोल और दुर्घटना रोकने के लिए ‘अलर्ट स्ट्रिप्स’ शामिल हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी के लिए यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ा होगा।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 36,230 करोड़ रुपए है, जिसकी आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी।
गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने की सुविधा होगी। साथ ही, वायुसेना के लिए यह एक्सप्रेस-वे आपातकालीन एयरस्ट्रिप के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। हाईटेक टोल व्यवस्था और दुर्घटना रोकने वाली ‘अलर्ट स्ट्रिप्स’ जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह परियोजना उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने वाली मानी जा रही है।






