West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने पहली बार एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और समुद्री यातायात बहाल करने की पेशकश की है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका से उस पर लगी नाकेबंदी हटाने की मांग भी की है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं। यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ हुई, जिसमें ईरान के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई।
क्या है ईरान का प्रस्ताव?
ईरान की योजना के तहत होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री व्यापार को फिर से सामान्य करने की बात शामिल है। लेकिन इसके साथ ही उसने परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दों को भविष्य की बातचीत के लिए टालने का सुझाव दिया है। यही बात अमेरिका को स्वीकार नहीं है।
अमेरिका का कहना है कि अगर समुद्री मार्ग खोल दिया जाता है लेकिन ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर कोई ठोस रोक नहीं लगती, तो कूटनीतिक दबाव कमजोर पड़ सकता है।
परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा विवाद
अमेरिका लगातार मांग कर रहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लंबे समय तक रोके और बड़ी मात्रा में समृद्ध यूरेनियम अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में सौंपे। लेकिन ईरान ने इन शर्तों को सख्त और अस्वीकार्य बताते हुए खारिज कर दिया है।
ट्रंप प्रशासन में इस मुद्दे पर मतभेद भी देखने को मिल रहे हैं। कुछ अधिकारियों का मानना है कि यह प्रस्ताव पहले से बेहतर है, लेकिन इसमें गंभीर खामियां हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि प्रस्ताव बेहतर है, लेकिन ईरान के नेतृत्व और नीतियों पर सवाल बने हुए हैं।
कूटनीति के बीच बढ़ता तनाव
ईरान ने कूटनीतिक प्रयासों के तहत रूस का रुख किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और अमेरिका पर वार्ता को बाधित करने का आरोप लगाया।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों के बावजूद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिलहाल कम होता नजर नहीं आ रहा है।






