Pilibhit Scam: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चपरासी ने सरकारी सिस्टम में सेंध लगाकर खुद को करोड़पति बना लिया। आरोपी इल्हाम-उर-रहमान शम्सी, जो बीसलपुर इंटर कॉलेज में तैनात था, ने करीब 8 साल में 8 करोड़ 15 लाख रुपये का घोटाला किया। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे और उसके परिवार के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
परिवार को बनाया ‘फर्जी कर्मचारी’
इल्हाम ने अपनी तीन पत्नियों, सास, साली और अन्य रिश्तेदारों को फर्जी शिक्षक, बाबू और ठेकेदार दिखाकर उनके खातों में सरकारी पैसा ट्रांसफर कराया। पुलिस ने उसकी दो पत्नियों लुबना और अजारा खान, साली फातिमा, सास नाहिद, रिश्तेदार आफिया खान और परिचित परवीन खातून व आशकारा परवीन को गिरफ्तार किया है। पहली पत्नी अर्शी खातून को पहले ही जेल भेजा जा चुका था और फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।
53 बैंक खातों में घुमाया गया पैसा
पुलिस जांच में सामने आया कि घोटाले की रकम 53 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। अब तक गिरफ्तार 7 आरोपियों के खातों में 8 साल के दौरान कुल 8 करोड़ 15 लाख रुपये भेजे गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न खातों में जमा 5 करोड़ 50 लाख रुपए की धनराशि को फ्रीज कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक पीलीभीत के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा फर्जी बेनिफिशियरी आईडी बनाकर सरकारी पैसे के गबन के प्रकरण में संलिप्त 07 अभियुक्ताओं को गिरफ्तार करने के सम्बन्ध में Addl.SP पीलीभीत की बाइट।@Uppolice@dgpup pic.twitter.com/GdBi2qMlIi
— Pilibhit Police (@pilibhitpolice) May 1, 2026
ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा
फरवरी 2026 में बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने पीलीभीत के डीएम को पत्र लिखकर संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी दी। बताया गया कि ट्रेजरी से 1 करोड़ 15 लाख रुपएएक निजी खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद डीएम ने जांच कमेटी गठित की, जिसमें खुलासा हुआ कि DIOS ऑफिस से पिछले 8 सालों से फर्जी शिक्षकों के नाम पर पैसा निकाला जा रहा था।
फर्जी सैलरी टोकन से चलता था खेल
जांच में मास्टरमाइंड के तौर पर इलहाम का नाम सामने आया। वह DIOS ऑफिस में अटैचमेंट लेकर सैलरी टोकन जनरेट करता था। उसने फर्जी टोकन बनाकर अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया, जबकि रिकॉर्ड में नाम किसी और के दिखाए जाते थे।
जांच जारी, और हो सकते हैं बड़े खुलासे
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस घोटाले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।






