अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि कई देशों ने अमेरिका से मदद मांगी है, क्योंकि उनके जहाज इस संवेदनशील और तनावपूर्ण समुद्री क्षेत्र में फंस गए हैं। ट्रंप ने कहा कि ये जहाज और उनके क्रू “निर्दोष” हैं और सिर्फ हालात की वजह से संकट में हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य इन जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना है ताकि वे बिना किसी खतरे के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस अभियान में ईरान ने कोई हस्तक्षेप किया तो अमेरिका “कड़ा और निर्णायक जवाब” देगा।
खाड़ी में तनाव और बढ़ा
इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह के उत्तर में लगभग 155 किलोमीटर दूर एक तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। हालांकि हमले की दिशा स्पष्ट नहीं है, लेकिन सभी क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
ईरान का सख्त रुख
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ट्रप को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें “असंभव सैन्य कार्रवाई या खराब समझौते” में से एक चुनना होगा। ईरान ने यह भी दावा किया कि चीन, रूस और यूरोप का रुख अब अमेरिका के खिलाफ बदल रहा है।
ईरान का प्रस्ताव और अमेरिका का इनकार
ईरान ने हाल ही में युद्धविराम और होर्मुज को खोलने सहित 14 सूत्रीय प्रस्ताव दिया था, जिसमें 30 दिनों में संघर्ष रोकने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की बात शामिल थी। लेकिन ट्रंप ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। इससे पहले भी अमेरिका दो अन्य प्रस्ताव ठुकरा चुका है।






