BRICS Summit 2026: ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में रूस ने माना है कि भारत अपनी मजबूत कूटनीतिक क्षमता और सभी पक्षों से बेहतर रिश्तों की वजह से मध्य पूर्व संघर्ष में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत पहले कदम के तौर पर ईरान और अरब देशों के बीच संवाद स्थापित कराने में मदद कर सकता है।
लावरोव ने कहा कि ब्रिक्स समूह सामूहिक रूप से औपचारिक मध्यस्थ नहीं बन सकता, लेकिन इसके सदस्य देश मौजूदा गतिरोध को कम करने और समाधान तलाशने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के सभी पक्षों से संतुलित और मजबूत कूटनीतिक संबंध हैं, जो उसे इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
बैठक के बाद भारत की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ब्रिक्स देशों ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे गंभीर असर को लेकर चिंता जताई है। सदस्य देशों ने “वर्तमान संकट के जल्द समाधान” की जरूरत पर जोर देते हुए संवाद और कूटनीति को ही स्थायी रास्ता बताया।
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रूसी विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि दुनिया के कई क्षेत्रों में तनाव की बड़ी वजह पश्चिमी शक्तियों का दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है। लावरोव के मुताबिक, मध्य पूर्व में जारी तनाव के पीछे भी कुछ ताकतें ईरान और अरब देशों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “ईरान के खिलाफ यह शत्रुता और आक्रामकता केवल सैन्य या राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ईरान और उसके अरब पड़ोसियों के बीच टकराव बढ़ाना भी है।”
इस बीच, ब्रिक्स बैठक के दौरान भारत ने स्वीकार किया कि मध्य पूर्व संकट को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद मौजूद हैं। भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल में हुई ब्रिक्स उप-विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की बैठक भी ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE)और अमेरिका-इजराइल संघर्ष को लेकर अलग-अलग रुख के कारण बिना किसी संयुक्त बयान के खत्म हुई थी। बताया जा रहा है कि मंत्रियों की ताजा बैठक तक आते-आते ये मतभेद और गहरे हो गए हैं।
इसके बावजूद भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर देता रहा है और इसी वजह से रूस समेत कई देश भारत को संभावित संतुलित मध्यस्थ के रूप में देख रहे हैं।
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