Silver Import Duty Hike: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने विदेशी मुद्रा बचाने और व्यापार घाटा नियंत्रित करने के लिए चांदी के आयात नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी लोगों से कोरोना काल जैसे संकट के समय अपनाए गए उपायों को अपनाने और कम सोना खरीदने की अपील की है। सरकार और DGFT की ओर से 13 मई 2026 की आधी रात से लागू किए गए नए नियमों के तहत चांदी के आयात को अब काफी हद तक नियंत्रित कर दिया गया है।
सरकार ने चांदी पर लगने वाली कुल आयात शुल्क दर को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। पहले चांदी पर 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 1% कृषि सेस लगाया जाता था, जिससे कुल शुल्क 6% बनता था। अब 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% कृषि सेस मिलाकर कुल 15% शुल्क लगाया जाएगा। इस फैसले से विदेश से आने वाली चांदी तुरंत महंगी हो जाएगी और घरेलू बाजार में भी कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। सरकार ने यह फैसला 16 मई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
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DGFT ने चांदी के कई उत्पादों को “फ्री” श्रेणी से हटाकर “प्रतिबंधित” यानी Restricted कैटेगरी में डाल दिया है। अब 99.9% शुद्धता वाले सिल्वर बार के आयात पर भी नियंत्रण रहेगा। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी व्यापारी बिना सरकारी अनुमति चांदी आयात नहीं कर सकेगा। सरकार ने साफ किया है कि चांदी आयात करने के लिए अब सरकारी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य बढ़ते आयात बिल को नियंत्रित करना, व्यापार घाटा कम करना और विदेशी मुद्रा की बचत करना है। लाइसेंस व्यवस्था लागू होने से छोटे आयातकों के लिए कारोबार करना कठिन हो सकता है।
सरकार ने हीरे जड़ी चांदी की ज्वेलरी के आयात पर भी सख्ती कर दी है। नए नियमों के तहत सस्ते हीरों से जड़ी चांदी की ज्वेलरी के आयात पर 30 जून 2026 तक अंकुश लगाया गया है। अब सरकार की मंजूरी के बिना ऐसे आभूषणों का आयात संभव नहीं होगा। पहले यह ज्वेलरी टै्स-मुक्त कैटेगरी में आती थी, जिसकी वजह से बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण बिना अनुमति भारत आ रहे थे। सरकार का मानना है कि ASEAN देशों से सस्ती चांदी की ज्वेलरी आने के कारण घरेलू कारीगरों और स्थानीय उद्योग को नुकसान हो रहा था। नए नियमों के बाद सस्ती विदेशी ज्वेलरी का आयात घटेगा और घरेलू उद्योग को फायदा मिल सकता है।
DGFT ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक केवल 15 बैंकों को सोना-चांदी आयात की अनुमति दी है। इनमें State Bank of India, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और Punjab National Bank जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं। वहीं Union Bank of India को केवल सोना आयात करने की अनुमति दी गई है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से चांदी का आयात घटेगा, विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा और घरेलू ज्वेलरी उद्योग को राहत मिलेगी।
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