US Iran war aircraft losses report: ईरान के खिलाफ चलाए गए कथित ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें अमेरिका को भारी हवाई नुकसान होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना के 42 एयरक्राफ्ट और ड्रोन तबाह या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए।
जानकारी के अनुसार, इनमें 6 फाइटर और अटैक एयरक्राफ्ट शामिल हैं। सबसे अहम नुकसान F-35 स्टील्थ फाइटर जेट का बताया गया है। इसके अलावा 4 F-15E स्ट्राइक ईगल और 1 A-10 थंडरबोल्ट-II भी नष्ट या गंभीर रूप से डैमेज हुए बताए गए हैं।
सबसे बड़ा नुकसान ड्रोन फ्लीट को हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 25 ड्रोन प्रभावित हुए, जिनमें 24 MQ-9 रीपर और 1 MQ-4C ट्राइटन शामिल हैं। इसके अलावा 11 अन्य सैन्य विमान भी या तो पूरी तरह नष्ट हुए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरे ऑपरेशन पर अमेरिका ने लगभग ₹2.81 लाख करोड़ का भारी खर्च किया।
वहीं, न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने इस युद्ध को केवल ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमता को कमजोर करने तक सीमित नहीं रखा था, बल्कि इसका उद्देश्य राजनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव लाना भी था।
दावों के अनुसार, संभावित नेतृत्व परिवर्तन की योजना के तहत ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद को एक संभावित नए चेहरे के रूप में देखा गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पहले चरण में सैन्य हमले और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की रणनीति थी, जबकि दूसरे चरण में देश में अराजकता फैलाने की कोशिश शामिल थी।
हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।






