Mathura Violence: उत्तर प्रदेश के मथुरा के कोसीकलां इलाके में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से पहचान रखने वाले चंद्रशेखर एक स्थानीय गौरक्षक के तौर पर जाने जाते थे। वह हमेशा अपने साथ फरसा (कुल्हाड़ी जैसा हथियार) रखते थे, जिससे उनकी अलग पहचान बन गई थी। इसी वजह से लोग उन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ कहकर बुलाते थे।
चंद्रशेखर लंबे समय से इलाके में कथित गौ-तस्करी के खिलाफ सक्रिय थे। उन्होंने गोरक्षकों की एक टीम भी बना रखी थी और कई हिंदूवादी संगठनों से जुड़े बताए जाते थे।
घटना कैसे हुई?
पुलिस के मुताबिक, चंद्रशेखर को गौ-तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वह अपनी बाइक से संदिग्धों का पीछा करने निकले। आरोप है कि जब उन्होंने तस्करों की गाड़ी को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने तेज रफ्तार वाहन उनकी ओर मोड़ दिया।
इस टक्कर में चंद्रशेखर गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद क्यों भड़का बवाल?
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग और समर्थक आक्रोशित हो गए। गुस्साई भीड़ ने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई और पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
समर्थकों की मांग
‘फरसा वाले बाबा’ के समर्थकों ने उन्हें ‘गौ पुत्र शहीद’ का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की जा रही है।
प्रशासन अलर्ट पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी घटना का संज्ञान लिया है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है और इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है।






