PM Modi–Marco Rubio Meeting: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली के सेवा तीर्थ में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम की ओर से पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच रक्षा, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तकनीक और इंडो-पैसिफिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति और ईरान संकट पर भी बातचीत हुई।
बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर भी मौजूद रहीं।
रूबियो की यह यात्रा राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया चीन दौरे के सिर्फ 7 दिन बाद हो रही है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरे को सिर्फ सामान्य कूटनीतिक यात्रा नहीं बल्कि “डैमेज कंट्रोल मिशन” के तौर पर भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि ट्रंप की चीन यात्रा और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की खुलकर तारीफ के बाद एशिया की राजनीति में नई बेचैनी पैदा हुई है।
भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव की चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले एक साल से भारत और अमेरिका के रिश्तों में कई मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारत पर टैरिफ बढ़ाने और भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर दिए गए बयानों ने दोनों देशों के संबंधों में असहजता पैदा की थी।
हाल में ट्रंप द्वारा पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ किए जाने के बाद भारत में यह संदेश गया कि अमेरिका फिर से पाकिस्तान को रणनीतिक महत्व देने लगा है। ऐसे में रुबियो की यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को संतुलित और मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है।
क्वाड को मजबूत करने पर जोर
रूबियो ने कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बड़ी बैठक क्वाड देशों के साथ हुई थी और अब अमेरिका इस समूह को और मजबूत करना चाहता है।
क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। यह समूह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, नई तकनीक, सप्लाई चेन और चीन के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करता है।
रूबियो ने कहा कि भारत अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति का बेहद अहम साझेदार है और आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को लेकर कई बड़ी घोषणाएं देखने को मिल सकती हैं।
दिल्ली की गर्मी पर मजाक
दिल्ली की गर्मी को लेकर मजाक करते हुए रुबियो ने कहा कि उन्होंने अपना भाषण छोटा रखने का फैसला किया क्योंकि यहां की गर्मी अलग स्तर की है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि वह मियामी से आते हैं जहां काफी उमस होती है, लेकिन दिल्ली की गर्मी उससे भी ज्यादा महसूस हो रही है।
ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर फोकस
रूबियो के इस दौरे में ऊर्जा सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा रही। भारत फिलहाल रूस से बड़ी मात्रा में सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है, जबकि अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी तेल और LNG गैस का आयात बढ़ाए।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार समझौतों, निवेश, महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन, सेमीकंडक्टर, बैटरी निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।






