Malviya Nagar Fire: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 35 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। हादसे के बाद सामने आई शुरुआती जांच में पता चला है कि होटल के पास वैध फायर एनओसी (No Objection Certificate) नहीं थी और नियमों के विपरीत क्षमता से कई गुना अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे। पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है।
रेस्टोरेंट से शुरू हुई आग, कुछ ही मिनटों में होटल बना आग का गोला
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे होटल की ग्राउंड फ्लोर पर संचालित बी-एन-बी रेस्टोरेंट में आग लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी छह मंजिला इमारत धुएं और लपटों से घिर गई। आग होटल के कमरों और बेसमेंट तक पहुंच गई, जिससे वहां ठहरे लोग अंदर ही फंस गए।
#WATCH | Delhi | Malviya Nagar fire incident | Fire Officer AK Malik says, “The Fire Department received the call at 8.50 AM. Initially, seven fire tenders were dispatched to the scene. More vehicles were on their way, but eventually, all the required units arrived. As soon as… https://t.co/pbpHXuIslO pic.twitter.com/Auki121FCI
— ANI (@ANI) June 3, 2026
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोगों ने जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे और चादरें बिछाकर लोगों को बचाने की कोशिश की। हादसे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
दमकल और पुलिस ने चलाया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से करीब 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, धुएं और आग की तीव्रता के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके।
रेस्क्यू अभियान के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए AIIMS में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सभी पुलिसकर्मियों की हालत फिलहाल स्थिर है।
मृतकों में 11 विदेशी नागरिक, कई भारतीय परिवार भी उजड़े
मृतकों में 11 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें 9 अफ्रीकी देशों और 2 तुर्कमेनिस्तान के नागरिक बताए गए हैं। वहीं 10 भारतीय नागरिकों की भी मौत हुई है।
सूत्रों के मुताबिक भारतीय मृतकों में 8 लोग एक ही परिवार से जुड़े थे। इनमें 3 राजस्थान और 5 हरियाणा के निवासी थे। इस हादसे ने कई परिवारों को एक झटके में उजाड़ दिया।
अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे घायल
मैक्स अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार कुल 39 लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से 18 लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया। 15 मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया है, जिनमें से 8 वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
वहीं AIIMS में 13 लोगों का इलाज जारी है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने जान बचाने के लिए होटल की ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाई थी। कुछ घायलों के हाथ-पैर टूट गए हैं, जबकि कई गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं।
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केवल 6 कमरों की अनुमति, लेकिन चल रहे थे 25 कमरे
जांच में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। फ्लरिश स्टे होटल को ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ श्रेणी में केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन यहां करीब 25 कमरे बनाए गए थे।
इतना ही नहीं, होटल के पास फायर एनओसी भी नहीं थी। भवन में आने-जाने के लिए केवल एक संकरा रास्ता था, जिससे आग लगने के दौरान लोगों के बाहर निकलने और बचाव कार्य में भारी दिक्कत हुई। अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने हादसे को और भयावह बना दिया।
होटल मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार
हादसे के बाद होटल मालिक लवकेश बजाज अपने घर से फरार हो गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया और लुकआउट नोटिस जारी किया। बाद में उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब होटल के निर्माण, लाइसेंस, सुरक्षा इंतजामों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
#WATCH | Delhi Police officials reach the residence of Lovkesh Bajaj, co-owner of Hotel Flourish Stays, where a massive fire broke out, claiming the lives of 21 people. pic.twitter.com/KZiVN9gmIz
— ANI (@ANI) June 3, 2026
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जताया शोक
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मृत विदेशी नागरिकों के दूतावासों से संपर्क किया जा रहा है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
मालवीय नगर अग्निकांड ने एक बार फिर राजधानी में फायर सेफ्टी नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना फायर एनओसी, सीमित अनुमति के बावजूद अधिक कमरों का संचालन और आपातकालीन निकास की कमी जैसी लापरवाहियां इस हादसे की भयावहता का बड़ा कारण मानी जा रही हैं।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग किस कारण लगी और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए आखिर कौन-कौन जिम्मेदार है। यह हादसा राजधानी में होटल और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर भी बड़ा सवाल छोड़ गया है।
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