ट्विशा केस में प्रेग्नेंसी एंगल पर CBI का फोकस, समर्थ ने पूछा था- ‘ये किसका बच्चा है?’

Twisha Sharma Case: भोपाल की अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच कर रही CBI अब मामले के सबसे संवेदनशील पहलू “प्रेग्नेंसी विवाद” पर अपना फोकस बढ़ा रही है। जांच एजेंसी को मिले डिजिटल सबूत, मोबाइल चैट्स और संबंधित लोगों के बयानों से संकेत मिले हैं कि ट्विशा और उनके पति समर्थ सिंह के बीच प्रेग्नेंसी को लेकर गंभीर मतभेद थे। यही विवाद अब जांच का अहम केंद्र बन गया है।

चैट्स में सामने आया किसका बच्चा है?’ वाला सवाल

CBI को जांच के दौरान ट्विशा और उनकी मां के बीच हुई चैटिंग मिली है। इन चैट्स में ट्विशा ने अपनी मां को बताया था कि समर्थ उनसे बार-बार पूछ रहा है कि वह प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हैं और यह बच्चा किसका है। इस बातचीत से यह संकेत मिलता है कि दंपति के रिश्तों में प्रेग्नेंसी को लेकर अविश्वास और तनाव पैदा हो गया था।

जांच एजेंसी इन चैट्स की सत्यता, समय और परिस्थितियों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विवाद किस स्तर तक पहुंच चुका था।

30 अप्रैल को कराया गया था गर्भपात

मामले में पहले सामने आए बयानों के अनुसार, ट्विशा और समर्थ ने 30 अप्रैल को आपसी सहमति से “प्रेग्नेंसी टर्मिनेट” कराई थी। समर्थ की मां गिरिबाला सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि परिवार प्रेग्नेंसी की खबर से खुश था, लेकिन ट्विशा बच्चा नहीं चाहती थीं क्योंकि उन्हें लगता था कि इससे उनके करियर पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, गर्भपात के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया। CBI इसी अवधि की घटनाओं को विस्तार से खंगाल रही है।

गर्भपात के बाद मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थीं ट्विशा

जांच में यह भी सामने आया है कि प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन के बाद ट्विशा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थीं। परिवार उन्हें भोपाल के एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक के पास भी लेकर गया था।

CBI अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या गर्भपात के बाद पैदा हुआ मानसिक तनाव, वैवाहिक विवाद और अन्य परिस्थितियां उनकी मानसिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डाल रही थीं।

डॉक्टरों से पूछताछ करेगी जांच एजेंसी

CBI जल्द ही उस डॉक्टर का बयान दर्ज करेगी, जिसने “ट्विशा का डिप्रेशन” का इलाज किया था। एजेंसी डॉक्टर से यह जानना चाहती है कि:

  1. ट्विशा ने अपनी मानसिक परेशानियों के बारे में क्या बताया था?
  2. गर्भपात का फैसला किन परिस्थितियों में लिया गया?
  3. क्या वह प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन के बाद अवसाद में चली गई थीं?
  4. क्या उनके व्यवहार में कोई असामान्य बदलाव देखा गया था?

डॉक्टरों के बयान जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार

CBI को अभी तक पोस्टमॉर्टम के दौरान सुरक्षित रखे गए “गर्भाशय की हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्टनहीं मिली है। जांच एजेंसी मानती है कि यह रिपोर्ट मामले के कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे सकती है।

इसी वजह से सेकेंड पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की राय और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही जांच एजेंसी किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना चाहती है।

दिसंबर में हुई शादी के कुछ महीनों बाद ही ट्विशा और समर्थ के बीच कई मुद्दों को लेकर अनबन की खबरें सामने आने लगी थीं।

समर्थ ने दोस्त के बारे में भी दी जानकारी

सूत्रों के मुताबिक, समर्थ ने पूछताछ के दौरान CBI को ट्विशा के एक दोस्त के बारे में भी जानकारी दी है। साथ ही उसने कहा कि ट्विशा का मूड बहुत तेजी से बदलता था। कभी वह किसी बात पर सहमत हो जाती थीं, तो कभी उसी मुद्दे पर नाराज हो जाती थीं।

CBI इन दावों का भी स्वतंत्र रूप से सत्यापन कर रही है और डिजिटल रिकॉर्ड्स के साथ उनका मिलान किया जा रहा है।

CCTV फुटेज और आखिरी दिन की गतिविधियां जांच के दायरे में

मौत वाले दिन ट्विशा दोपहर में ब्यूटी पार्लर गई थीं, जहां उन्होंने हेड मसाज कराई थी। शाम को घर लौटने के बाद वह वॉक पर निकलीं और बाद में छत पर गईं।

जांच एजेंसी ने CCTV फुटेज का विश्लेषण किया है। फुटेज में उन्हें सीढ़ियों से नीचे लाते और CPR देते हुए देखा जा सकता है, लेकिन छत पर वास्तव में क्या हुआ, इसका कोई स्पष्ट दृश्य उपलब्ध नहीं है।

जल्द दाखिल हो सकती है चार्जशीट

CBI सूत्रों के अनुसार, मामले से जुड़े अधिकांश सबूत और बयान एकत्र किए जा चुके हैं। अब एजेंसी फोरेंसिक रिपोर्ट, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय का इंतजार कर रही है। इन रिपोर्टों के मिलने के बाद सबूतों की अंतिम कड़ियां जोड़कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।

कुल मिलाकर ट्विशा शर्मा की मौत का रहस्य अभी पूरी तरह नहीं सुलझा है, लेकिन जांच के मौजूदा चरण में प्रेग्नेंसी विवाद सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है। ‘ये किसका बच्चा है?’ जैसे सवालों से शुरू हुआ विवाद, गर्भपात, मानसिक तनाव और मौत तक की घटनाओं को अब CBI एक-दूसरे से जोड़कर देख रही है। आने वाली मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्टें इस हाई-प्रोफाइल मामले की दिशा तय कर सकती हैं।

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Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

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