Abbas Araghchi: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ किया है कि वह किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं करना चाहता, लेकिन यदि उस पर हमला किया गया तो वह पूरी ताकत से जवाब देगा। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान का रुख पूरी तरह स्पष्ट है और देश अपनी संप्रभुता व राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
अराघची ने कहा कि तेहरान किसी टकराव की पहल नहीं करना चाहता, लेकिन किसी भी सैन्य कार्रवाई, दबाव या उकसावे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा और बैंकिंग क्षेत्र को निशाना बनाते हुए नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, दक्षिण और पूर्वी एशिया में करोड़ों डॉलर मूल्य की ईरानी एलपीजी (LPG) की बिक्री से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई की गई है।
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अमेरिका का आरोप है कि ईरानी गैस को उसकी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए ओमान की एलपीजी बताकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचा जा रहा था। इस मामले में कुल 12 संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनमें 5 कंपनियां मार्शल आइलैंड्स, 4 संयुक्त अरब अमीरात और 1 चीन में स्थित हैं। इसके अलावा 6 जहाजों पर भी कार्रवाई की गई है, जिनमें 4 पनामा-ध्वज वाले टैंकर शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान की सख्त चेतावनी के बाद क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है। हालांकि, दोनों पक्षों के बयानों से यह भी संकेत मिलता है कि फिलहाल प्रत्यक्ष युद्ध से बचने की कोशिश जारी है।
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