US Airstrike on Iran: अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में की गई।
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि गश्त कर रहे अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं। ट्रंप ने लिखा, “अमेरिका को इस हमले का जवाब देना ही होगा।”
I have just been informed by our Great Military that last night the Iranians shot down one of our highly sophisticated Apache Helicopters while patrolling over the Strait of Hormuz. There were two pilots involved, both are safe and uninjured. Nevertheless, the United States must,… pic.twitter.com/RnitMvdd32
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 9, 2026
उधर, ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने और अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को ड्रोन से निशाना बनाया।
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी सेना हर हमले का जवाब देगी और अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारा क्षेत्र छोड़ दें।
हालांकि, अपाचे हेलिकॉप्टर घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, यह हेलिकॉप्टर ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और मामले की जांच जारी है।
ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने दक्षिणी ईरान के जाम क्षेत्र में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अमेरिका की ओर से नहीं की गई है।
इस बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। यह अलर्ट तब जारी हुआ जब ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर ड्रोन हमला किया है।
CENTCOM के मुताबिक, अमेरिका की जवाबी सैन्य कार्रवाई पूरी हो चुकी है और इस दौरान ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और ग्राउंड कंट्रोल ठिकानों को सटीक हमलों में निशाना बनाया गया।
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