Trump Iran Attack: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका गुरुवार रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की अधिकांश सैन्य ताकत कमजोर पड़ चुकी है और अब अमेरिका निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार है।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड समेत कई महत्वपूर्ण तेल और गैस ठिकानों पर नियंत्रण स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के ऊर्जा संसाधनों और तेल निर्यात नेटवर्क को निशाना बनाकर उस पर दबाव बढ़ाया जाएगा।

खार्ग आइलैंड क्यों है अहम?
खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में स्थित ईरान का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है। माना जाता है कि ईरान के कुल कच्चे तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी द्वीप के जरिए दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है। यहां विशाल तेल भंडारण टर्मिनल, निर्यात सुविधाएं और रणनीतिक ऊर्जा ढांचा मौजूद है। यही वजह है कि इसे ईरानी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
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अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं। दोनों देशों की ओर से हमलों और जवाबी कार्रवाई के दावों ने मध्य पूर्व में तनाव को और गहरा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।
भारत ने जताया कड़ा विरोध
इस बीच ओमान के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय क्रू वाले जहाज MT जलवीर पर भी हमला हुआ, हालांकि जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय सुरक्षित बताए गए हैं। भारत ने अमेरिकी राजदूत को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
तेल बाजार पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खार्ग आइलैंड या ईरान के अन्य तेल-गैस ठिकानों पर हमला होता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई और ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। आने वाले घंटे मध्य पूर्व की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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