US-Iran Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को शांति समझौता हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि अगर यह समझौता हो जाता है तो होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल और सामान की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के बदले अमेरिका ईरान को कोई पैसा नहीं देगा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके समय में हुए समझौते में ईरान को अरबों डॉलर की राहत दी गई थी, लेकिन उनकी सरकार ऐसा नहीं करेगी।
ट्रंप का कहना है कि नया समझौता ईरान को परमाणु हथियार बनाने या हासिल करने से रोकेगा। उन्होंने दावा किया कि ओबामा के समय हुआ परमाणु समझौता ईरान के लिए ज्यादा आसान था, जबकि नया समझौता ज्यादा सख्त होगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका भविष्य में ईरान और पूरे मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) के साथ अच्छे संबंध चाहता है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो अमेरिका के पास दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं।
JUST NOW: President Trump announced that Iran’s nuclear weapons capabilities have been permanently eliminated, describing the outcome as a major achievement that replaces previous approaches to the issue. 🇺🇸👏 pic.twitter.com/4KzUlwcScX
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) June 13, 2026
ईरान ने क्या कहा?
ट्रंप के दावे के बीच ईरान ने कहा है कि रविवार को किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि समझौता अगले कुछ दिनों में हो सकता है, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं हुई है।
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उनके मुताबिक, पाकिस्तान की मध्यस्थता से चल रही बातचीत का मकसद फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव और संघर्ष को खत्म करना है। परमाणु मुद्दा अभी इस समझौते का हिस्सा नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का रुख कई बार बदल चुका है, इसलिए समझौते को लेकर अभी सावधानी बरतने की जरूरत है।
पाकिस्तान भी कर रहा है कोशिश
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक दिन पहले कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले 24 घंटे में समझौता हो सकता है। उन्होंने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम दौर में है और अगले कुछ दिनों में बड़ा ऐलान हो सकता है। उन्होंने कहा था कि इसके बाद दोनों देश ऑनलाइन इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे और अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होगी।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है अहम?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ा हिस्सा तेल इसी रास्ते से दुनिया भर में पहुंचता है। अगर यह रास्ता पूरी तरह खुल जाता है तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल सप्लाई को बड़ी राहत मिलेगी।
फिलहाल ट्रंप और ईरान के बयानों में अंतर दिखाई दे रहा है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है या नहीं।
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