Marco Rubio Jaishankar Phone Call: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच आज होर्मुज स्ट्रेट के हालात को लेकर फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में समुद्री सुरक्षा, वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
अमेरिकी पक्ष ने भारत समेत सभी देशों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। अमेरिका ने चेतावनी दी कि यदि किसी जहाज ने कथित नाकाबंदी का उल्लंघन किया या ईरान से जुड़े तेल के अवैध परिवहन में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Tommy Pigott, Principal Deputy Spokesperson for the US Department of State, says, “US Secretary of State Marco Rubio spoke yesterday with Indian External Affairs Minister Subrahmanyam Jaishankar. The two officials discussed recent events in the Strait of Hormuz. The Secretary… pic.twitter.com/OvsjGBLh0a
— ANI (@ANI) June 13, 2026
इस दौरान अमेरिकी पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। अमेरिका का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब होर्मुज क्षेत्र में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
दूसरी ओर, भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान ओमान तट के पास हुई घटनाओं में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया और कड़ी आपत्ति जताई।
जयशंकर ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर इस तरह की जानलेवा कार्रवाई पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने स्पष्ट किया कि अपने नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
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तीन जहाजों पर कार्रवाई, भारतीय नाविक प्रभावित
ओमान के पास हाल के दिनों में तीन अलग-अलग जहाजों पर घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें भारतीय चालक दल मौजूद था।
- मारिवेक्स: 24 भारतीय नाविक सवार थे, सभी सुरक्षित बचाए गए।
- सेटेबेलो: 24 में से 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
- जालवीर: 20 भारतीय चालक दल सवार थे, जिन पर भी कार्रवाई की गई।
इन घटनाओं ने भारत में गंभीर चिंता और नाराजगी पैदा कर दी है।
भारत का कूटनीतिक कदम
भारत सरकार ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक प्रमुख जेसन मीक्स को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों में इस तरह की सैन्य कार्रवाई अस्वीकार्य है और भारत इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण चाहता है।
बढ़ता कूटनीतिक तनाव
इस पूरे घटनाक्रम ने भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। अमेरिका जहां होर्मुज में नाकाबंदी और ईरानी तेल के कथित परिवहन पर सख्ती दिखा रहा है, वहीं भारत अपने नागरिकों की मौत और उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो यह दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों पर असर डाल सकता है।
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