PM Modi Trump Meet: फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने करीब 5 मिनट तक बातचीत की। इस मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों और संभावित ट्रेड डील के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक साथ बैठे नजर आए। दोनों नेताओं के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत ने वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब दुनिया व्यापारिक तनाव, भू-राजनीतिक चुनौतियों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना कर रही है।
#WATCH PM @narendramodi and U.S. President Donald Trump interacted at the sidelines of the G7 Summit in Evian, France.@MEAIndia @POTUS #G7Summit #PMModiInFrance pic.twitter.com/QDrgfKVgO9
— DD News (@DDNewslive) June 16, 2026
इससे पहले दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। करीब 16 महीने बाद आमने-सामने आए दोनों नेताओं की इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है।
ट्रेड डील पर हो सकती है अहम चर्चा
व्हाइट हाउस के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील (व्यापार समझौते) को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच टैरिफ (आयात शुल्क) में संतुलन स्थापित करने, निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देने, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करने, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर फोकस रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो भारत और अमेरिका के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई गति मिल सकती है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी और मजबूत हो सकती है।
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मैक्रों ने किया प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत
G7 समिट में पहुंचने पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत करते नजर आए, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी शामिल रहे। इसे भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और सक्रिय कूटनीति का संकेत माना जा रहा है।
G7 समिट में कौन-कौन शामिल है?
G7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
मेजबान देश फ्रांस ने G7 सदस्य देशों के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं को भी विशेष आमंत्रण दिया है। इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो शामिल हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुलाकात?
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है। ऐसे में मोदी और ट्रम्प की यह मुलाकात आने वाले समय में दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित ट्रेड डील पर सहमति बनती है, तो इससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी और वैश्विक मंच पर भारत-अमेरिका साझेदारी और प्रभावशाली बन सकती है।
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