Modi Trump Meeting G7 2026: फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंध, भारतीय नाविकों की सुरक्षा, वेस्ट एशिया संकट और व्यापार समझौते समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
ट्रंप ने मोदी को बताया अपना अच्छा दोस्त
बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, व्हाइट हाउस में भारत का एक दोस्त हमेशा मौजूद रहेगा।”
ट्रंप ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर और बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने मोदी को एक शांत, मजबूत और प्रभावशाली नेता बताया।
Sharing my remarks during the meeting with President Trump.@POTUS @realDonaldTrump https://t.co/48Jqv6uka0
— Narendra Modi (@narendramodi) June 17, 2026
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर भारत किसी चुनौती का सामना करता है और मोदी नेतृत्व कर रहे होंगे, तो अमेरिका भारत के साथ खड़ा रहेगा।
मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मोदी ने कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते या शांति प्रक्रिया में भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का खुला और सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है।
वेस्ट एशिया में शांति के लिए ट्रंप की पहल की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप के नेतृत्व में क्षेत्र में शांति स्थापित होने की उम्मीद दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन चुके हैं।
G7 समिट के दोनों दिनों में उठाया भारतीयों का मुद्दा
प्रधानमंत्री मोदी ने G7 सम्मेलन के दोनों दिनों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
पहले दिन आउटरीच सेशन में उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा है और यहां काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है।
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वेस्ट एशिया संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा
सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वेस्ट एशिया में जारी संकट का असर फ्यूल, फर्टिलाइजर और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहा है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव विकासशील देशों यानी ग्लोबल साउथ पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कमजोर और विकासशील देशों को वैश्विक संकटों का बोझ अकेले नहीं उठाना चाहिए।
मोदी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है, जबकि भारत और ग्लोबल साउथ के देशों में युवा प्रतिभा और कौशल की कोई कमी नहीं है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी हुई चर्चा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है और आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और दोनों देशों के रिश्ते भविष्य में और मजबूत होंगे।
G7 समिट क्यों है महत्वपूर्ण?
G7 दुनिया की सात बड़ी विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं। भारत इसका सदस्य नहीं है, लेकिन विशेष आमंत्रित देश के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इसमें हिस्सा लेते रहे हैं।
इस मंच पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय संकटों पर चर्चा होती है।
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