Ukraine Russia War: रूस-यूक्रेन युद्ध ने एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। यूक्रेन ने गुरुवार को रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला करते हुए 1000 से ज्यादा ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलें दागीं। इस हमले का सबसे बड़ा निशाना रूस की राजधानी मॉस्को और उसके आसपास के रणनीतिक सैन्य एवं ऊर्जा ठिकाने रहे।
रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रातभर चले इस हमले के दौरान करीब 1000 ड्रोन और 4 क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया, जबकि लगभग 200 ड्रोन सीधे मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्कीने इस कार्रवाई को रूस के हमलों का जवाब बताते हुए कहा, “हम यह युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा।”
मॉस्को और रोस्तोव में धमाकों से दहला रूस
हमले के दौरान दक्षिणी रूस के रोस्तोव क्षेत्र स्थित एक बड़े ऑयल डिपो में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि तेल टैंक का ढक्कन कई मीटर ऊपर उछल गया और पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
इसके अलावा मॉस्को की महत्वपूर्ण ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला किया गया। ड्रोन के मलबे से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और पास के एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लग गई।
सुरक्षा कारणों से कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को खाली कराया गया, जबकि मॉस्को के कई हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों को रोक दिया गया।
जेलेंस्की बोले- रूस को अब कूटनीति का रास्ता अपनाना होगा
जेलेंस्की ने कहा कि यह हमला पिछले सप्ताह कीव पर हुए रूसी हमलों का जवाब है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन ने केवल उन सैन्य और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया है जो रूस के युद्ध अभियान को मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक समाधान अपनाए।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने सेना और खुफिया एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
Last night, our long-range sanctions once again reached the Moscow region – for the second time this week, the Moscow oil refinery was hit. Targets were also struck in the Rostov region and in temporarily occupied territories of Ukraine. This is a fully justified response to… pic.twitter.com/NhFl4FlT9L
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) June 18, 2026
पुतिन की चुप्पी बरकरार
हमले के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कजान शहर में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ एक शिखर बैठक में मौजूद थे।
इतने बड़े हमले के बावजूद पुतिन की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
2023 के बाद तेजी से बढ़े मॉस्को पर हमले
2022 में युद्ध शुरू होने के शुरुआती महीनों में यूक्रेन के ड्रोन हमले सीमित थे, लेकिन 2023 में पहली बार यूक्रेनी ड्रोन मॉस्को तक पहुंचने लगे।
अब यूक्रेन लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम हो चुका है। वहीं रूस ने राजधानी के चारों ओर मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर रखे हैं।
युद्ध अब केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देश एक-दूसरे के तेल डिपो, रिफाइनरी, सैन्य अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं।
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G7 देशों ने यूक्रेन को और हथियार देने का ऐलान किया
इस बड़े हमले के बीच G7 देशों ने यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने का ऐलान किया है।
G7 देशों ने कहा कि यूक्रेन को:
- अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम दिए जाएंगे।
- इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध कराई जाएंगी।
- लंबी दूरी के हथियारों की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।
- रूस के तेल और गैस कारोबार पर और सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
- सर्दियों से पहले यूक्रेन की ऊर्जा जरूरतों के लिए अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
ट्रंप बोले- युद्ध खत्म कराना उम्मीद से ज्यादा मुश्किल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराना आसान होगा, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी के कारण बातचीत बेहद मुश्किल हो गई है।
उन्होंने कहा कि उनकी पुतिन और जेलेंस्की दोनों से बातचीत हुई है और वह इस युद्ध का जल्द अंत देखना चाहते हैं।
17 मई को भी हुआ था बड़ा हमला
इससे पहले 17 मई को भी यूक्रेन ने रूस पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया था। उस हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि की थी।
उस दौरान मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी, ईंधन स्टेशन और रूस की सेना के लिए सेमीकंडक्टर बनाने वाले एंगस्ट्रेम प्लांट को भी निशाना बनाया गया था।
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