रिपोर्ट: अमेरिका-ईरान के बाद इजराइल-हिजबुल्लाह में भी सीजफायर, ट्रंप बोले- “ईरान को एक डॉलर भी नहीं मिलेगा”

Iran US War Ceasefire Deal: अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के बाद अब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच भी युद्धविराम (सीजफायर) लागू हो गया है। अमेरिका और कतर की मध्यस्थता और ईरान की मदद से दोनों पक्षों ने लड़ाई रोकने पर सहमति जताई है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह संघर्षविराम शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे) से लागू हो गया। हालांकि, क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संघर्षविराम उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं।

अमेरिका-कतर ने निभाई बड़ी भूमिका

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और कतर के वार्ताकार लगातार इजराइल, लेबनान और ईरान के संपर्क में थे। गुरुवार को हुई भीषण गोलीबारी और जवाबी हमलों के बाद दोनों पक्षों को युद्ध रोकने के लिए राजी किया गया।

अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि अगर यह संघर्षविराम सफल रहता है, तो पूरे मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है और ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत भी दोबारा शुरू हो सकती है।

ट्रंप का ईरान पर बड़ा हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बीच ईरान को लेकर बेहद सख्त बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,

“हम मजबूरी में बातचीत की मेज पर नहीं आए, ईरान आया है। वह खत्म हो चुका है। हम 60 दिन की प्रक्रिया पूरी करेंगे और उसे एक डॉलर भी नहीं मिलेगा।”

ट्रंप ने आगे दावा किया कि युद्ध के बाद ईरान की सैन्य क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा,

“ईरान के पास अब न वायुसेना बची है, न नौसेना, न वायु रक्षा प्रणाली और न ही रडार जैसी महत्वपूर्ण क्षमताएं। इसके बावजूद कुछ लोग कह रहे हैं कि वह पहले से बेहतर स्थिति में है।”

हिजबुल्लाह का जवाब- लेबनान की रक्षा जारी रहेगी

हिजबुल्लाह ने कहा है कि वह लेबनान की जनता और उसकी जमीन की रक्षा करना जारी रखेगा। संगठन ने आरोप लगाया कि इजराइल ने कई बार संघर्षविराम की शर्तों का उल्लंघन किया है।

हिजबुल्लाह के सांसद हसन फदलाल्लाह ने कहा कि ईरान ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि जब तक व्यापक संघर्षविराम पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।

उन्होंने लेबनान सरकार से भी अपील की कि जब तक इजराइल हमले बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ किसी भी तरह की सीधी वार्ता स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।

अमेरिका का दावा- इजराइल हमले नहीं बढ़ाएगा

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को भरोसा दिलाया है कि इजराइल लेबनान में अपने सैन्य अभियान को और आगे नहीं बढ़ाएगा।

ट्रंप प्रशासन चाहता है कि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे ताकि ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम और सुरक्षा संबंधी वार्ताएं फिर से पटरी पर लौट सकें।

रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल ने फिलहाल स्थिति को यहीं रोकने पर सहमति जताई है। अब यह काफी हद तक हिजबुल्लाह के अगले कदम पर निर्भर करेगा।

ये भी पढ़ेंः

मैक्रों ने हिंदी में कहा- ‘भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर रहे’: 6 दिन का दौरा पूरा कर भारत लौटे पीएम मोदी, G7 में ट्रम्प से हुई अहम मुलाकात

नेतन्याहू की चेतावनी- “भारी कीमत चुकानी होगी”

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह को कड़ी चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा कि दक्षिणी लेबनान में हुए विस्फोटक हमले में चार इजराइली सैनिकों की मौत के बाद सेना को कड़ा जवाब देने के निर्देश दिए गए थे। नेतन्याहू ने कहा,

“हिजबुल्लाह के आपराधिक हमले और संघर्षविराम के खुले उल्लंघन के बाद मैंने सेना को जोरदार कार्रवाई करने का आदेश दिया था। उन्हें इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी होगी।”

इजराइली सेना ने लेबनान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर किए हमले

इजराइल की सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने गुरुवार रात से दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हिजबुल्लाह के 80 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। सेना के मुताबिक, इन हमलों में हिजबुल्लाह के कई लड़ाके मारे गए हैं।

IDF ने बताया कि नबातियेह और दक्षिणी लेबनान के अन्य इलाकों में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर, रॉकेट लॉन्चर और सैन्य ढांचों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा बेका घाटी में मौजूद संगठन के दो सक्रिय कमांड सेंटरों पर भी हवाई हमले किए गए।

इजराइली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की ओर से संघर्षविराम का बार-बार उल्लंघन करने के जवाब में की गई है।

क्या मध्य पूर्व में स्थायी शांति आएगी?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्षविराम फिलहाल तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसे स्थायी शांति कहना अभी जल्दबाजी होगी। इजराइल, हिजबुल्लाह और ईरान के बीच वर्षों पुरानी दुश्मनी और क्षेत्रीय शक्ति संघर्ष अब भी बरकरार है।

अगर आने वाले दिनों में दोनों पक्ष संघर्षविराम का पालन करते हैं, तो मध्य पूर्व में लंबे समय बाद स्थिरता की उम्मीद पैदा हो सकती है।ॉ

ये भी पढ़ेंः

अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- इजराइल अलग-थलग पड़ चुका: दुनिया में कोई पसंद नहीं करता, हर समस्या का हल लोगों को मारना नहीं
Spread the love

Related Posts

गॉल टेस्ट के आखिरी दिन भारत को 6 विकेट की तलाश, श्रीलंका को 288 रन चाहिए

India Vs Sri Lanka Galle Test Final: गॉल टेस्ट अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। पांचवें और आखिरी दिन टीम इंडिया जीत से सिर्फ 6 विकेट दूर है, जबकि…

Spread the love

भारत की वोटर ID व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, SAVE America Act पर जोर; बोले- बिना फोटो ID अमेरिका में चुनाव कैसे?

Donald Trump Praises India’s Election System: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिका में अनिवार्य वोटर ID की मांग को जोरदार तरीके से उठाया है। इस बार उन्होंने अपने…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

पति की मौत पर बहाती रही आंसू, अस्थियां लेकर गई हरिद्वार; CCTV ने खोली कविता की कहानी!

पति की मौत पर बहाती रही आंसू, अस्थियां लेकर गई हरिद्वार; CCTV ने खोली कविता की कहानी!

2014 से अब तक का पूरा हिसाब: झारखंड में JPSC और TDPL की 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द

2014 से अब तक का पूरा हिसाब: झारखंड में JPSC और TDPL की 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द

गॉल टेस्ट के आखिरी दिन भारत को 6 विकेट की तलाश, श्रीलंका को 288 रन चाहिए

गॉल टेस्ट के आखिरी दिन भारत को 6 विकेट की तलाश, श्रीलंका को 288 रन चाहिए

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं, 8 आरोपी पहले से जेल में

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं, 8 आरोपी पहले से जेल में

जेल से बाहर आने के 2 साल बाद AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, ACB बोली- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर की शर्तें

जेल से बाहर आने के 2 साल बाद AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, ACB बोली- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर की शर्तें

भारत की वोटर ID व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, SAVE America Act पर जोर; बोले- बिना फोटो ID अमेरिका में चुनाव कैसे?

भारत की वोटर ID व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, SAVE America Act पर जोर; बोले- बिना फोटो ID अमेरिका में चुनाव कैसे?
× नोएडा दिल्ली झारखंड गुजरात ओडिशा उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल बिहार मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र उत्तराखंड पंजाब हरियाणा राजस्थान जम्मू-कश्मीर