Iran US Deal: ईरान ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौते (MoU) के तहत जारी होने वाले 6 अरब डॉलर के फ्रीज फंड का इस्तेमाल देश की आवश्यक जरूरतों का सामान खरीदने में किया जाएगा। इस पर सहमति कतर की राजधानी दोहा में हुई तकनीकी वार्ता के दौरान बनी। वहीं, ईरान ने अमेरिका पर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया है।
जरूरी सामान की खरीद पर बनी सहमति
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि कतर के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया कि ईरान अपनी जरूरतों के अनुसार खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए फ्रीज फंड का उपयोग कर सकेगा। उन्होंने इसे वार्ता का महत्वपूर्ण परिणाम बताया।
अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप
दोहा में हुई तकनीकी वार्ता के दौरान ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने समझौते के पहले अनुच्छेद का पालन नहीं किया। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने लेबनान समेत क्षेत्रीय संघर्षों को रोकने की दिशा में अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की, जबकि यह समझौते का हिस्सा था।
इसके अलावा ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और उसके अधिकारी लगातार धमकी भरे बयान दे रहे हैं, जो समझौते की भावना के खिलाफ हैं।

ये भी पढ़ेंः
राजस्थान के दौसा में दर्दनाक हादसा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराई ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस, 8 की मौत, कई यात्री जिंदा जले
डील की निगरानी के लिए बनेगी कमेटी
बैठक में दोनों पक्षों के बीच यह भी सहमति बनी कि समझौते के उल्लंघन की निगरानी के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाएगी। साथ ही अगले 24 घंटे के भीतर एक आपातकालीन संचार चैनल भी स्थापित किया जाएगा, जहां किसी भी उल्लंघन की आधिकारिक शिकायत दर्ज कर उसकी समीक्षा की जाएगी।
ईरान-अमेरिका के बीच नहीं हुई सीधी बातचीत
ईरान ने स्पष्ट किया कि दोहा में उसके और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच कोई प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हुई। दोनों देशों के बीच बातचीत कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से अलग-अलग दौर में कराई गई।
ट्रंप बोले- सही दिशा में बढ़ रही परमाणु वार्ता
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दोहा में हुई बैठकें अच्छी रहीं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में इसके सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। हालांकि, दूसरी ओर ईरान का कहना है कि अमेरिका को पहले समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन करना होगा।
ये भी पढ़ेंः
1 जुलाई से बदल गए 6 बड़े नियम: कॉमर्शियल सिलेंडर ₹180 सस्ता, पासपोर्ट महंगा, ट्रेन में बिना टिकट पर दोगुना जुर्माना







