US Airstrikes on Iran: अमेरिक ने रविवार देर रात ईरान के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अभियान के दौरान 140 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इन हमलों से ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
हमलों का दायरा इस बार काफी व्यापक रहा। रिपोर्टों के मुताबिक किश्म, सीरिक, बंदर अब्बास, जास्क, बुशेहर, खोंदाब, बंदर महशहर, बेहबहान, अंदीमेश्क, देजफुल, अहवाज, अबादान और खुर्रमशहर समेत कई शहरों को निशाना बनाया गया। कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि स्थानीय प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
BREAKING: Fresh, massive strikes reported near Bandar Abbas, Iran.
Multiple explosions are rocking Iran’s most critical naval port on the Strait of Hormuz right now. The pressure on the IRGC isn’t stopping. pic.twitter.com/Mp3BOUQXaI
— سيف الدرعي| Saif alderei (@saif_aldareei) July 12, 2026
खुजेस्तान प्रांत पर भी हमला
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक, अमेरिका ने तेल और गैस से समृद्ध खुजेस्तान प्रांत में भी हवाई हमला किया। प्रांत के उप-गवर्नर वलियोल्लाह हयाती ने बताया कि अहवाज शहर के आसपास हुए हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हालात का जायजा ले रही हैं।
खुजेस्तान ईरान की अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। यहां देश के सबसे बड़े तेल और गैस भंडार, रिफाइनरी, पाइपलाइन और ऊर्जा परियोजनाएं स्थित हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र को ईरान की ऊर्जा राजधानी भी कहा जाता है।
होर्मुज पर ईरान का बड़ा बयान
इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “होर्मुज हमारे लिए कई परमाणु बमों से भी ज्यादा अहम है और इसकी हर हाल में रक्षा की जाएगी।”
Major General Rezaei: “The importance of the Strait of Hormuz outweighs dozens of atomic bombs.”
“If the enemy succeeds in institutionalizing the culture of assassinating leaders in the region — no country’s security will be guaranteed — and that is why we must stand firm… pic.twitter.com/0dFgwf1MRs
— IRGC (@IRGC_Press) July 12, 2026
रेजाई ने संकेत दिया कि यदि ईरान की सुरक्षा या रणनीतिक हितों को खतरा हुआ तो होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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अमेरिका की मदद करने वाले देश भी होंगे निशाने पर
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश अपनी जमीन, सैन्य अड्डों या अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए करने देगा, तो उसे भी ईरान वैध सैन्य लक्ष्य मानेगा।
एक की मौत, चार घायल
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी ईरान में हुए अमेरिकी हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जारी है और स्थानीय प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
तेल बाजार में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दिया। एशियाई कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 78.49 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी तरह की बाधा आती है तो इसका सबसे अधिक असर एशियाई देशों पर पड़ेगा। दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल के व्यापार का लगभग एक-चौथाई और वैश्विक एलएनजी व्यापार का करीब 20 प्रतिशत इसी रास्ते से होकर गुजरता है। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की ऊर्जा आपूर्ति काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर है।
सोमवार को भी जारी रहे हमले
इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी समयानुसार शाम 5 बजे (ET) उसकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए। CENTCOM के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिसके जरिए वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों पर हमला कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है ताकि ईरानी बलों को समुद्री सुरक्षा के लिए पैदा किए गए खतरे और उनके हमलों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके।
At 5 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching more strikes against Iran to continue degrading their ability to attack civilian mariners and commercial ships freely transiting the Strait of Hormuz. The Commander in Chief has directed the strikes to hold Iranian…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 12, 2026
बंदर अब्बास में गूंजे धमाके
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