Iran attack resolution fails in US Senate: अमेरिकी सीनेट में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव गुरुवार को 49-50 वोटों से खारिज हो गया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने से रोकना था। हालांकि, एक वोट से प्रस्ताव गिरने के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
वोटिंग के दौरान पेन्सिलवेनिया से रिपब्लिकन सीनेटर डेव मैककॉर्मिक मतदान में शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद रिपब्लिकन सांसदों के विरोध के चलते प्रस्ताव आवश्यक समर्थन हासिल नहीं कर पाया।
यह प्रस्ताव अभी सीनेट की विदेश मामलों से जुड़ी समिति में लंबित है। प्रस्ताव लाने वाले सांसद चाहते थे कि इसे पूरे सीनेट में चर्चा और अंतिम मतदान के लिए भेजा जाए, लेकिन अब इसके लिए उन्हें दोबारा प्रयास करना होगा।
अगर यह प्रस्ताव पारित हो जाता, तो ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए कांग्रेस की मंजूरी लेना अनिवार्य हो जाता। यानी राष्ट्रपति अकेले सैन्य हमला शुरू करने का फैसला नहीं ले सकते थे।
अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने एक बार फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई समाप्त करने के लिए बाध्य करने की कोशिश को विफल कर दिया। अमेरिकी सेना को ईरान से वापस बुलाने संबंधी प्रस्ताव 49-50 वोटों से खारिज हो गया। इस दौरान रिपब्लिकन पार्टी के केवल तीन सीनेटरों ने अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर प्रस्ताव का समर्थन किया।
🇺🇸BREAKING: Senate Republicans just blocked yet another attempt to force Trump to end the Iran war.
The resolution to withdraw U.S. forces failed 49-50, with only 3 GOP senators breaking ranks—the 13th time the chamber has voted on Iran war powers measures.…
— NewsForce (@Newsforce) July 30, 2026
ईरान पर राष्ट्रपति के युद्ध संबंधी अधिकारों को सीमित करने के मुद्दे पर अमेरिकी सीनेट में यह 13वीं बार मतदान हुआ है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया ईरान हमलों के बाद डेमोक्रेटिक सांसद लगातार मांग कर रहे हैं कि किसी भी बड़े सैन्य अभियान पर अंतिम फैसला कांग्रेस की स्वीकृति से ही लिया जाए। उनका कहना है कि संविधान के अनुसार युद्ध या बड़े सैन्य अभियान जैसे फैसलों में संसद की भूमिका सुनिश्चित होनी चाहिए।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
इस बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर हुए अमेरिकी हमले में नागरिकों की मौत के लिए अमेरिका पूरी तरह जिम्मेदार है और उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।
वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा और अमेरिकी हमलों का जवाब दिया जाएगा। IRGC के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के कथित हमले की कोशिश के जवाब में केश्म द्वीप पर बड़े हवाई हमले किए थे, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
ये भी पढ़ेंः






