Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दो और पदक डाल दिए। पुरुषों की 110 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में लवप्रीत सिंह ने रजत पदक जीता, जबकि महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सीमा ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इन दोनों पदकों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। भारत के खाते में अब 3 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदक हैं और टीम पदक तालिका में 10वें स्थान पर बनी हुई है।
एक किलो से गोल्ड से चूके लवप्रीत
पंजाब के लवप्रीत सिंह ने पुरुषों की 110 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम वजन उठाया। स्नैच में उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बना दिया।
Birmingham 2022 🥉
Glasgow 2026 🥈Lovepreet Singh lifts a brilliant 388kg total to claim silver in the Men’s +110kg Weightlifting event, falling just 1kg short of gold in a thrilling finish.
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हालांकि, गोल्ड मेडल उनसे महज एक किलोग्राम दूर रह गया। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयूज ने क्लीन एंड जर्क में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 389 किलोग्राम (166+223) वजन उठाया और स्वर्ण पदक जीत लिया। वहीं इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ ने कुल 356 किलोग्राम (165+191) वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।
संघर्षों के बीच तय किया सफलता का सफर
6 सितंबर 1997 को पंजाब के अमृतसर के निकट बल सचंदर गांव में जन्मे लवप्रीत का बचपन आर्थिक कठिनाइयों में बीता। परिवार की मदद के लिए उन्होंने खेतों में काम किया, दादा के साथ सब्जियां भी बेचीं और शादी-ब्याह में किराये पर भेजी जाने वाली घोड़ी की देखभाल भी की। उनके पिता पेशे से दर्जी थे, लेकिन उन्होंने बेटे को सिलाई के काम में लगाने के बजाय खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
महज 13 वर्ष की उम्र में गांव के कुछ युवाओं को वेटलिफ्टिंग करते देखकर उनके मन में इस खेल के प्रति रुचि जगी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्थानीय कोचों की देखरेख में अभ्यास जारी रखा। उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2017 में उन्हें पटियाला स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में जगह मिली। यहीं से उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हुई।
सीमा की शानदार वापसी, मां बनने के बाद जीता ब्रॉन्ज
महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत की सीमा ने 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर कांस्य पदक जीता। उन्होंने यह दूरी अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। इसके बाद चौथे, पांचवें और छठे प्रयास में वे फाउल कर बैठीं, लेकिन तीसरे प्रयास का प्रदर्शन उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त रहा।
इस स्पर्धा में जमैका की सामंथा हॉल ने 61.66 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर के साथ रजत पदक अपने नाम किया। भारत की दूसरी खिलाड़ी निधि रानी 53.19 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं।
RICH LEGACY CONTINUES! 🫡
Seema Kaliramna adds a bronze medal to India’s kitty with a fine performance in the women’s discus throw, an event that has given the nation enough to celebrate over the years at the Commonwealth Games. She manages a best throw of 58.65m.
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चोट और मातृत्व के बाद दमदार वापसी
27 वर्षीय सीमा हरियाणा के भिवानी स्थित चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी कर रही हैं। उनके करियर में एक समय ऐसा भी आया जब गंभीर घुटने की चोट के कारण उन्हें तीन साल से अधिक समय तक खेल से दूर रहना पड़ा। लंबी रिहैबिलिटेशन के बाद उन्होंने शानदार वापसी की।
वर्ष 2025 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में वह चौथे स्थान पर रही थीं, जबकि उसी वर्ष साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। 2026 में उन्होंने 59.73 मीटर का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसके दम पर एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई।
नीरज चोपड़ा समेत तीन भारतीय जैवलिन थ्रो के फाइनल में
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने भी फाइनल में जगह बना ली है। क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर पांचवां स्थान हासिल किया। नीरज ने पहले प्रयास में 76.28 मीटर और दूसरे प्रयास में 79.61 मीटर का थ्रो किया। इसके बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया।
Strong statement by the javelin boys! 💪
Neeraj Chopra (79.61m), Rohit Yadav (78.37m) and Yash Vir Singh (78.36m) qualify for the Men’s Javelin Throw Final at #Glasgow2026! 👏
Watch them in the final on 1st August, 12:45 AM onwards, LIVE & EXCLUSIVE on Sony Sports Network TV… pic.twitter.com/nxDDlDSbyE
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भारत के रोहित यादव 78.37 मीटर के साथ नौवें और यश वीर सिंह 78.36 मीटर के साथ दसवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचने में सफल रहे।
रुमेश पहले, अरशद सातवें स्थान पर
जैवलिन थ्रो क्वालिफिकेशन में श्रीलंका के रुमेश पाथिराजे ने 82.84 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (81.29 मीटर), दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट (80.64 मीटर) और इंग्लैंड के बेन ईस्ट (80.38 मीटर) ने भी नीरज से बेहतर प्रदर्शन किया।
पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम ने पहले प्रयास में 78.63 मीटर का थ्रो किया और बाद के दोनों प्रयासों में सुधार नहीं कर सके। इसी प्रदर्शन के दम पर वे सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे। जैवलिन थ्रो का फाइनल शुक्रवार देर रात खेला जाएगा।
90 मीटर पार करने वाले भारत के इकलौते खिलाड़ी
नीरज चोपड़ा 90 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले भारत के पहले और अब तक इकलौते जैवलिन थ्रोअर हैं। उन्होंने 2025 दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर का थ्रो कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इससे पहले वह टोक्यो ओलिंपिक 2020, विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 और एशियन गेम्स 2023 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, जबकि पेरिस ओलिंपिक 2024 में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था।
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