Trisha Comment Controversy: तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। तमिलनाडु पुलिस ने उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उदयनिधि ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके साथ “आतंकवादी जैसा सुलूक” किया गया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक जनसभा में उदयनिधि स्टालिन शामिल हुए थे। सभा के दौरान भीड़ में अचानक अभिनेत्री तृषा के नाम के नारे लगने लगे। आरोप है कि इसी दौरान उदयनिधि ने कहा, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए।”
इस बयान को अभिनेत्री त्रिशा से जोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया और इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी बताया गया। विवाद बढ़ने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
हालांकि उदयनिधि स्टालिन ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। उनका कहना था कि उनका इशारा केवल कावेरी नदी के पानी की ओर था, किसी महिला या अभिनेत्री की ओर नहीं।
8 घंटे पूछताछ के बाद मिली रिहाई
मंगलवार को पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। करीब आठ घंटे तक उनसे लगातार सवाल-जवाब किए गए। पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।
रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में उदयनिधि ने कहा, “मेरे साथ आतंकवादी जैसा सुलूक किया गया। मैंने किसी महिला का अपमान करने की कोशिश नहीं की। मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और राजनीतिक कारणों से कार्रवाई की गई।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।
VIDEO | Tiruchanur: Former Tamil Nadu Deputy Chief Minister Udhayanidhi Stalin says he was treated like a ‘terrorist’. He slams the ruling TVK government after his release.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/9m1pOfPyYF
— Press Trust of India (@PTI_News) August 4, 2026
ये भी पढ़ेंः
दिल्ली-NCR में बारिश से मौसम सुहाना, नोएडा-गाजियाबाद समेत कई शहरों में येलो अलर्ट; जलभराव और ट्रैफिक की चेतावनी
विजय और तृषा की दोस्ती क्यों चर्चा में?
4 मई को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे, जिसमें अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।
संयोग से उसी दिन अभिनेत्री त्रिशा का जन्मदिन भी था। चुनाव परिणाम आने से पहले वह तिरुमाला मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। इसके बाद उन्होंने विजय के आवास जाकर उन्हें जीत की बधाई दी थी। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।
विजय और त्रिशा कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। दोनों की जोड़ी ‘लियो’ (2023) समेत लगभग पांच फिल्मों में नजर आ चुकी है। इसी वजह से दोनों की दोस्ती और नजदीकियों को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं।
TVK के घोषणा-पत्र में प्रमुख मुद्दा था कावेरी जल विवाद
विजय की पार्टी TVK ने विधानसभा चुनाव के घोषणा-पत्र में कावेरी नदी के जल अधिकारों को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था। पार्टी ने वादा किया था कि तमिलनाडु के हिस्से का पानी हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध जारी रखने और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेशों को सख्ती से लागू कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की बात कही गई थी।
क्या है कावेरी जल विवाद?
कावेरी जल विवाद देश के सबसे पुराने अंतरराज्यीय जल विवादों में से एक है। कावेरी नदी कर्नाटक से निकलकर तमिलनाडु में प्रवेश करती है। कर्नाटक इस पानी का उपयोग सिंचाई और पेयजल के लिए करता है, जबकि तमिलनाडु का कृषि क्षेत्र काफी हद तक इसी नदी पर निर्भर है।
1924 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुए समझौते के तहत पानी के बंटवारे का आधार तय किया गया था। लेकिन समय के साथ जनसंख्या बढ़ने, सिंचाई की जरूरतों और जल उपलब्धता में बदलाव के कारण दोनों राज्यों के बीच विवाद लगातार बना हुआ है। कम बारिश वाले वर्षों में यह विवाद और अधिक गहरा जाता है, क्योंकि तमिलनाडु समय पर पानी छोड़ने की मांग करता है, जबकि कर्नाटक अपनी घरेलू जरूरतों का हवाला देता है।
ये भी पढ़ेंः





